जमानियाँ 2017 कौन होगा सिकंदर ?

वर्ष 2017 मे विधान साभा का चुनाव होगा लेकिन राजनीतिक पंडितों ने अभी से हार जीत का जोड़ घटना शुरू कर दिया है। राजनीतिक पंडितों के अनुसार तीनों प्रमुख दलों द्वारा सवर्ण प्रत्याशी का होना सवर्ण मतो मे बिखराव का कारण बनेगा जिसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी सिंघासन सिह को होगा। बसपा का परम्परागत मतदाता चमार और कट्टर जातिवादी भुमिहार समुदाय के लोग बसपा प्रत्याशी अतुल राय के साथ मजबूती के साथ खडे दिख रहे है। मनोज सिन्हा फैक्टर भूमिहार को राष्ट्र वाद के नाम पर कीतना जोड पायेगा,भविष्य बतायेगा। अब सपा के कद्दावर मंत्री ओ०पी० सिह की बात की जाये तो इनका भविष्य अल्पसंख्यक मतदाता के उपर निर्भर करता है,सपा का परम्परागत मतदाता यादव रो कर या हंस कर मतदान तो साईकल पर ही करेगा। चूनावी रणनीति के मामलों मे अतुल राय हो या सिंहासन सिह , ओ०पी०सिह के साम्हने बच्चे है। कुल मिला कर देखा जाय तो जमानियाँ विधान सभा का निर्णायक मतदाता अल्पसंख्यक और कुशवाहा का झुकाव बसपा प्रत्याशी अतुल राय की तरफ ज्यादा हैं।