जौनपुर-मासूम के हत्यारोपी पुलिस के गिरफ्त में

जौनपुर-आईटीआई के दो छात्रों ने शाहगंज में शनिवार की सुबह फिरौती के लिए मासूम अभिषेक आयु 7 वर्ष की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद फिरौती की रकम के लिए पिता दीप चंद यादव को छिनैती के मोबाईल से फोन कर फिरौती की रकम पहुंचाने के लिए मैसेज किया। पुलिस ने देर रात सुल्तानपुर के शिवम श्रीवास्तव और बिहार के मोतिहारी निवासी आकाश को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपने अपराध को कबूल कर लिया। दोनों युवा पास में ही किराए पर मकान लेकर रहते थे ।उनकी निशानदेही पर जमुनिया आईटीआई कॉलेज के समीम पानी टंकी के पास से मृत बालक अभिषेक का शव पुलिस ने बरामद कर लिया। लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक ने शाहगंज के थाना प्रभारी दुर्गेश्वर मिश्र को निलंबित कर दिया।अयोध्या मार्ग स्थित गौशाला के पास रहने वाले पैथोलॉजी संचालक दीप चंद यादव का पुत्र अभिषेक यूकेजी का छात्र था। वह प्रतिदिन ट्यूशन पढ़ने पास ही एक अध्यापिका के घर जाता था।शनिवार को भी वह ट्यूशन पढ़ने निकला था लेकिन जब दोपहर 2:00 बजे तक वह ट्यूशन पढकर वापस नहीं आया तो घर वालों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। अध्यापिका के घर जाकर पता करने पर पता चला कि अभिषेक आज पढ़ने आया ही नहीं था। इसी दौरान दिन में करीब 3:00 बजे पिता दीपचंद के मोबाइल पर अनजान नंबर से मैसेज आया कि उसके बच्चे का अपहरण कर लिया गया है 7 लाख फिरौती की रकम नहीं देने पर उसकी हत्या कर दी जाएगी। दीपचंद यादव ने इसकी सूचना तत्काल शाहगंज थाना को दिया लेकिन थाना प्रभारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।मामले के प्रति थानाध्यक्ष को लापरवाह देख दीपचंद ने घटना से पुलिस अधीक्षक को अवगत करा।एसपी के निर्देश पर एएसपी सिटी डा० संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस की 6 टीमें गठित कर तत्काल तहकीकात में जुट गई।जिस मोबाईल से दीपचंद को मैसेज आया था उसे क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस पर लगा दिया और उसकी पल-पल की लोकेशन से पुलिस टीम को अवगत कराने लगी। हत्या के बाद – मासूम अभिषेक की हत्या और उसकी लाश छिपाने के बाद हत्यारे शिवम व आकाश जमुनिया पुल से 12 किलोमीटर दुर गैरवाह गये,वहां किशोर अमितेन्द्र सिंह से बात करने के लिए उसका मोबाइल मांगा और उसका मोबाईल लेकर फरार हो गये। आगे जाकर मोबाईल बेच दिया और सिमकार्ड निकल कर रख लिया।दुशरा नया मोबाईल लिया और उसमें अमितेन्द्र का सिमकार्ड लगा कर दीपचंद को फिरौती देने का मैसेज भेजा।उधर अमितेन्द्र के पिता ने थाने में मोबाईल छिनैती का मुकदमा दर्ज करा दिया था।पुलिस जब अमितेन्द्र के घर पंहची तो उसने मोबाईल छिनने वाले दोनों युवाओं का हुलिया बता दिया जिससे दोनों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।