दिल्ली-गुजरात और हिमांचल में हारने के बाद भी केजरीवाल खुश

392

दिल्ली- गुजरात और हिमाचल प्रदेश का विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हारने के बाद भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अपने दिल्ली के कार्यालय में जश्न मना रहे हैं।जब उनकी खुशी के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया तो पता चला कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में नकारात्मक प्रदर्शन के बाद भी आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त हो जाएगा। गुजरात और हिमाचल के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के रूप में देश को एक नया राष्ट्रीय राजनीतिक दल मिल जाएगा। दरअसल इन राज्यों के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी निर्वाचन आयोग की ओर से राष्ट्रीय पार्टी होने की पात्रता पुरी पूरी कर चुकी है। वैसे यह पूरी संभावना है कि वर्ष 2022 में ही इसी साल राष्ट्रीय दल की मान्यता मिल ही जाएगी। पंजाब व दिल्ली ने सत्ता हासिल करने और गोवा विधानसभा में दो विधायक जीत आने के बाद अब गुजरात और हिमाचल प्रदेश मैं आम आदमी पार्टी को मिले मत प्रतिशत राष्ट्रीय दल का दर्जा दिला रहे हैं। अब तक इस देश में केवल कांग्रेसी, बीजेपी, बीएसपी, सीपीआई,सीपीएम, एनसीपी और टीएमसी को राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल है। संविधान विशेषज्ञ डॉक्टर सुभाष कश्यप के अनुसार राष्ट्रीय दल होने की तीन मुख्य शर्तों में से एक शर्त यह है कि कोई भी राजनीतिक दल 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा में 6 फ़ीसदी वोट हासिल करें या फिर विधानसभा चुनाव में 4 या इससे अधिक राज्यों में कुल 6 फिसदी या इससे अधिक वोट प्राप्त करें। चुनाव के राजनैतिक नियमों के जानकार के.जे. राव के मुताबिक कोई भी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव के दौरान 3 राज्यों में लोकसभा की दो फीसदी यानि 11 सीट जीते या कोई पार्टी चार या इससे ज्यादा राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखती हो। कोई राजनीतिक दल 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव में 6 % वोट हासिल करें या फिर विधानसभा चुनाव में 4 या इससे अधिक राज्यों में कुल 6 % फ़ीसदी या ज्यादा वोट प्राप्त कर ले। गोवा में आप ने 6.77 फीसदी वोट प्राप्त करने के साथ ही 2 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी ने सफलता हासिल की थी तथा वर्तमान समय में पंजाब के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सरकार बना ली। अब सवाल उठता है कि किसी भी दल को राष्ट्रीय दल की मान्यता मिलने पर क्या फायदा होता है ? सबसे पहला फायदा तो जाहिर है मान्यता यानी स्तर को ही लेकर है राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होने के बाद अखिल भारतीय स्तर पर एक आरक्षित चुनाव चिन्ह मिल जाता है।दूसरा फायदा है उसे मुफ्त में निर्वाचन सूची और अनिवार्य तौर पर प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।तीसरा फायदा चुनाव के कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर टेलीविजन और रेडियो प्रसारण के लिए समय दिए जाने की अनुमति होगा ताकि वो अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सके।चौथा फायदा नेशनल मीडिया पर फ्री एयर टाइम मिल जाता है जिसे पार्टी की पहुंच बढ़ाने में आसानी होती है।हलांकि नामजदगी या नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों के प्रस्तावकों की संख्या बढ़ सकती है। हमारे देश में वर्तमान समय में निर्वाचन आयोग के पास 400 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियां हैं,लेकिन इनमें मात्र 7 को ही राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला है।हमारे देश में तीन स्तर के राजनीतिक दल हैं। राष्ट्रीय पार्टी, राज्यस्तरीय पार्टी और क्षेत्रीय पार्टी इनमें 7 राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा 35 राज्य स्तर के राजनीतिक दल है अभी 250 से ज्यादा क्षेत्रीय दल मौजूद है।

Play Store से हमारा App डाउनलोड करने के लिए नीचे क्लिक करें- Qries