नौकरशाहों के आगे फेल , मोदी और योगी

हमारे देश मे कोई भी प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री लेकिन होता वही है , जो नौकरशाहों के मनमाफिक होता है। ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से जूडा हुआ है। आदित्यनाथ योगी ने उत्तर प्रदेश के नौकरशाहों और मंत्रीयों को आदेश दिया कि  सभी लोग आपनी संपति का व्यवरा एक माह के भीतर निर्धारित प्रोफार्मा मे भर कर उपलब्ध करायें। पहले तो नौकरशाहों ने वृत्तीय वर्ष के अन्तिम दिनो की व्यस्तता का हवाला देकर अन्तिम तिथि बढवाई और फिर फार्मेट के जिस कालम से उनका कच्चा चिट्ठा खुल रहा था उसे भी बदलवा दिया। फार्मेट मे एक कालम था कि ” इस मे प्रतेक नौकरशाह को प्रतेक वर्ष मे अर्जित चल और अचल संपति का व्यवरा अलग-अलग देना था,और यही सब से बडी परेशानी थी। क्यो कि प्रतिवर्ष के व्यवरे से पोल खुलने का डर था। खैर इस कालम को भी नौकरशाहों के हिसाब से बदल दिया गया है।