प्रयागराज:अतीक, असरफ के तीनों हत्यारोपियों की तफ्तीश

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प्रयागराज-बाहुबली अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या ने कई सवाल शासन-प्रशासन के साथ ही आम लोगों के दिलों दिमाग में उत्पन्न कर दिया है। जिस बाहुबली अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खौफ से कोई थानों में एफ आई आर दर्ज कराने से पहले सौ बार सोचता था, उसी बाहुबली अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को तीन कम उम्र के लड़कों ने पुलिस कर्मियों की सुरक्षा के घेरे में गोली मारकर ढेर कर दिया। यह काफी चौंकाने वाली बात है। इस हत्याकांड की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक न्यायिक जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है और आयोग 2 महीने में अपनी रिपोर्ट देगा। अतीक अहमद व उसके भाई की हत्या करने वाले इन तीनों लडको के बैकग्राउंड को जब खंगाला गया तो जो 3 नाम आए हैं उसमें से पहला नाम है सनी सिंह सनी पर कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। यह 12 साल से पुलिस के लिए वांछित चल रहा था।वर्ष 2012 में यह लूट के एक मुकदमे में हमीरपुर जेल में गया और वहां से बाहर आने के बाद इसने अपराध की दुनिया में अपने आपको खपा लिया। इसी दौरान इसकी मुलाकात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात सुंदर भाटी से हुई और यह उसके गैंग में शामिल हो गया। इसके बाद इसने एक के बाद एक कई संगीन अपराधों को अंजाम दिया। सनी सिंह पर गुंडा एक्ट के साथ ही गैंगस्टर के तहत भी मुकदमे दर्ज हुए हैं।इसके पिता का निधन पहले ही हो चुका है।घर में सिर्फ मां और भाई है।लवलेश तिवारी तीनों हत्यारोंपियो में लवलेश तिवारी सबसे बड़ा है। इसकी उम्र 23 वर्ष है। इसके ऊपर कुल 3 मुकदमे दर्ज हैं।पहला मुकदमा वर्ष 2020 में उस पर शराब तस्करी का दर्ज हुआ। इसके बाद 2021 में उसने एक युवती पर प्राणघातक हमला किया उसका भी मुकदमा दर्ज है। 2022 में इसने किसी को जान से मारने की धमकी दी इस मामले में भी एक मुकदमा दर्ज है। सामान्य परिवार में जन्मे लवलेश की संगत अच्छे लोगों के साथ नहीं थे। यही वजह है कि वह नशे का आदी बन गया और उसने अपराध जगत की राह पकड़ ली।तीसरा आरोपी अरुण कुमार मौर्या मूलत: कासगंज जनपद का रहने वाला है। इसके पिता दीपक कुमार खेती का काम करते हैं। 3 साल पहले वह घर से पानीपत में रहने वाले अपने दादा के पास चला गया था। वहीं से उसने हाई स्कूल की पढ़ाई की लेकिन उसका मन पढ़ने लिखने में नहीं लगा। वह अंतर राज्य गैंग में शामिल होकर असलहा तस्करी करने लगा। असला तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल भी गया। छूटने के बाद अचानक गायब हो गया और घर से भी किसी से संपर्क नहीं रखा। इसके परिवार की माली हालत काफी खस्ता है। तीनों हत्या आरोपियों के आर्थिक बैकग्राउंड को देखा जाए तो जितने मांगे असलहों का उन्होंने उपयोग किया वह इनके पंहुच से काफी दुर की बात लगती है।लोगों को आशंका है कि अवश्य ही इन तीनों के पीछे कोई बहुत बड़ा सफेदपोश काम कर रहा है।देखना है पुलिस उस सफेदपोश का चेहरा भी बेनकाब करती है या सफेदपोश या अज्ञात ही रहता है।

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