प्रयागराज-सीएमओ व सीएमएस से बोले डिप्टी सीएम ” सुधर जाओ नहीं तो मैं सुधार दूंगा”

प्रयागराज- दो दिवसीय दौरे में यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक प्रयागराज से प्रतापगढ़ पहुंचे। शुक्रवार को प्रयागराज में कार्यों की समीक्षा बैठक तो वहीं दूसरे दिन प्रतापगढ़ पहुंचे। जनपदों के दौरे पर निकले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शनिवार को प्रतापगढ़ विकास भवन सभागार में विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान डिप्टी सीएम को सीएमओ और सीएमएस की खिलाफ शिकायत मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और कहा कि बहुत शिकायत मिल रही है। समय रहते सुधार जाओ नहीं तो मैं सुधार दूंगा।

इसके बाद डिप्टी सीएम ने अस्पताल के बारे में जानकारी ली और इलाज में किसी भी तरह से ढिलाही न हो इसका निर्देश दिया। उप मुख्यमंत्री बात ही बात में यह भी बोल पड़े कि किसी दिन प्रताप बहादुर अस्पताल का निरीक्षण करने आता हूं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने डीपीआरओ से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी ली। पानी की समस्या को देखते हुए हैंडपंप के बारे में जानकारी ली। इसके बाद डिप्टी सीएम ने मांधाता ब्लाक के खुझी गांव की प्रधान पति अंसार अहमद से फोन पर बात की। कहा कि ब्रजेश पाठक मंत्री प्रतापगढ़ से बोल रहा हूं… आपके यहां विकास कार्य हुआ है कि नहीं। जवाब में प्रधान पति ने कहा कि हमारे यहां पानी की टंकी बनी है। जो लीकेज है, उन्होंने जल निगम के एक्सईएन को समस्या दूर करने के लिए कहा।

प्रयागराज में सप्लाई पानी की ली जानकारी- –
पेयजल के सम्बंध में जल निगम व जल संस्थान के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने जीएम जलकल से शहर में पानी सप्लाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहर में पानी के सप्लाई से सम्बंधित लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है। उन्होंने जीएम जलकल को सभी को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के लिए कहा है और सचेत किया कि गंदे पानी व लीकेज से सम्बंधित किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि गंदे पानी की सप्लाई के बारे में शिकायत पायी गयी, तो सम्बंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति के बारे में जानकारी ली, जिसपर जल निगम के द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 249 टंकियां है। टंकियों के संचालन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि पूरी क्षमता के साथ नलकूपों का संचालन सुनिश्चित किया जाये, यदि कुछ नलकूप विद्युत या यांत्रिक कमी के कारण खराब हो, तो उनकों तत्काल ठीक कराते हुए उनका संचालन सुनिश्चित किया जाये।