बसपा से दुर जाती गैर यादव पिछडी जातियाँ

गाजीपुर, वर्तमान विधान सभा चुनाव वर्ष 2017 मे भारतीय  जनता पार्टी ने जो चक्रव्यूह रचा उस मे उत्तर प्रदेश की बहुजन समाज पार्टी पुरी तरह से फंस गयी।कभी कुशवाहा और राजभर समाज का थोक वोट बसपा के खाते मे जाया करता था लेकिन इस बार इन दोनो जातियो का वोट थोक के भाव भाजपा के खाते मे चला गया। बसपा की तरफ कुशवाहा मतो को आकर्शित करने के लिये स्वामी प्रसाद मौर्य,बाबू सिह कुशवाहा जैसे बडे चेहरे हुआ करते थे ,वो चेहरे इस बार के विधान सभा चुनाव मे बसपा के खिलाफ खडे थे। राजभर मतो की बात करे तो बसपा मे राजभर मतो को आकर्षित करने के लिये सुखदेव राजभर जैसी को सख्सियत का बसपा ने इस चुनाव कोई उपयोग ही नही किया। भाजपा ने कुशवाहा मतो को अपने पाले मे लाने के लिये पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप मे केशव मौर्य को आगे किया और बाद मे बसपा से अलग हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को अपने पाले मे कर लिया। राजभर मतों को साधने के लिये ओमप्रकाश राजभर के भासपा से पहले ही गठबंधन कर चुकी थी। आगे आने वाले दिनो मे सब से कठिन राह बसपा की ही दिखती है।

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