बहुबली मुख्तार अंसारी के तीन शूटर आजमगढ़ में गिरफ्तार

लखनऊ – मऊ जिले के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर राजन पासी समेत तीन बदमाशों को यूपी एसटीएफ ने शनिवार को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। तीनों सुपारी किलर है, जो दो लोगों की हत्या की नियत से यहां आये थे, इस हत्या की साजिश मुम्बई में रची गयी थी। इनके पास से 9 एमएम पिस्टल, तमंचा, कारतूस और गाड़ी बरामद की गयी है। एसएसपी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहंचान गाजीपुर के भांवरकोल निवासी राजन पासी, आजमगढ़ निवासी इन्द्रीज सरोज और जौनपुर निवासी लाल साहब उर्फ मुन्ना यादव के रूप में हुई है। इसमें राजन पासी कुख्यात अपराधी है, इसके खिलाफ पूर्वांचल के जिलों में दर्जन भर मुकदमें दर्ज है। वह श्याम बाबू पासी गैंग का सक्रिय सदस्य भी रह चुका है। उन्होंने बताया कि राज पासी का मुख्तार अंसारी से नजदीकी संबंध है, वह उनके गिरोह का शूटर था। इसके अलावा राजन का संबंध एनआईए अधिकारी तंजील अहमद की हत्या में शामिल मुनीर गैंग के सदस्य तनजीम खां, अंबेडकर नगर के अपराधी मुबारक खां और मुख्तार अंसारी गिरोह के ही एक और शूटर अनुज कन्नौजिया से भी इसके गरीबी संबंध है। इसने अभी हाल ही में गत 3 मई को मऊ के चिरैयाकोट में लूट की घटना को अंजाम दिया था। एसएसपी एसटीएफ ने दावा किया है कि यह तीनों यहां आजमगढ़ के गंभीरपुर स्थित अछीछीपुर गांव निवासी अवनीश राय और नीरज यादव की हत्या की नियत से आये हुये थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि अछीछीपुर गांव के रहने वाले ही अरुण कुमार राय और इसके भाई संजय राय ने गांव के रहने वाले अवनीश राय और नीरज यादव की हत्या की सुपारी इन्हें दी थी। इस हत्या का सौदा 10 दिन पहले मु बई में हुआ था। यह तीनों भी मुम्बई में अरुण राय के घर में रहते थे। इस हत्या की योजना इस तरह बनायी गयी थी कि अवनीश राय की मुखबीरी उनके की घरेलू नौकर लाल साहब यादव को करनी थी। लाल साहब की निशानदेही पर अवनीश राय की हत्या पहले करनी थी। इसके बाद नीरज यादव की हत्या की योजना थी। दोनों की हत्या को दुर्घटना का रूप भी देना था। गोली मारने के बाद उनके शरीर को गाड़ी से कुचलना था। इस हत्या की योजना की वजह यह बतायी गयी कि अरुण राय का भाई संजय राय ग्राम प्रधान है। चुनाव के समय संजय राय के खिलाफ अवनीश राय ने अपनी पत्नी को मैदान में उतारा था। तभी से दोनों परिवारों के बीच रंजीश चली आ रही है। वहीं नीरज यादव ने अरुण, संजय और आदर्श राय के खिलाफ एक लूट का मुकदमा दर्ज कराया गया था