मऊ-मुख्तार अंसारी के मामले में कोर्ट का आदेश

मऊ- सदर विधायक मुख्तार अंसारी की सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिला कारागार बांदा से पेशी प्रभारी सीजेएम व सिविल जज जूनियर डिवीजन मऊ के सामने कराई गई। इस दौरान मुख्तार अंसारी ने अदालत से गुहार लगाई कि चिकित्सकों की सलाह के बावजूद जेल प्रशासन उनकी फिजियोथिरेपी नहीं करा रहा है। जबकि उसके कमर व रीढ़ में हमेशा दर्द रहता है। इस पर अदालत ने जेल अधीक्षक बांदा को डाक्टरों के निर्देश के अनुसार थिरेपी कराने का निर्देश दिया।वहीं अदालत ने इस संबंध में पूरी आख्या के साथ जेल अधीक्षक को अगली पेशी सात जून को कराने का आदेश किया है। मऊ सदर विधायक के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने कहा कि इस बाबत अदालत में आवेदन भी दिया गया है। अदालत के निर्देश के बावजूद सरकार के दबाव में मुख्तार अंसारी को उचित सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में अगली पेशी सात जून की तारीख मुकर्रर की है।  बता दें कि सदर विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने लेटर पैड पर आधा दर्जन लोगों को लाइसेंसी असलहे के लिए डीएम को संस्तुति पत्रक लिखा था। विधायक के लेटर पैड में उनका पता दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का अंकित था। जांच के उपरांत सभी के पते फर्जी पाए गए। उसी मामले व अन्य मामलों में विधायक बांदा जेल में बंद हैं। वहीं मुख्तार अंसारी के दक्षिणटोला थाना के गैंगस्टर मामले में भी पेशी व उनका मुकदमा विशेष अदालत प्रयागराज भेजने के लिए सुनवाई के लिए सोमवार को तारीख नियत थी किंतु पीठासीन अधिकारी के अवकाश के कारण इस मामले में पेशी व आवेदन पर सुनवाई एक जून मंगलवार मुकर्रर कर दी गई है।

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