माँ आंचल ही बना लाल के लिये काल – गाजीपुर

गाजीपुर – आज के भाग दौड और तनाव पुर्ण जीवन मे कब कौन सी घटना या बात क्या गुल खिला देगी यह कोई नही जानता है। गाजीपुर शहर के दुर्गा चौक पर मोहन गुप्ता की चाय समोसे की दुकान है। दोपर मे पति और पत्नी मे किसी बात को ले कर जम कर चिक-चिक हुई । पति पत्नी की चीक-चीक से परेशान पडोस के लोगो ने पुलिस को फोन कर दिया,पुलिस ने आ कर पति और पत्नी को समझा बुझा कर मामला शांत कर दिया। सांम को पति पत्नी मे  फिर झगडा हुआ । इसी के थोडी देर बाद मोहन गुप्ता की पत्नी ने 12 वर्षिय बेटे  आशीष को डाटते हुए दुकान पर रिफाईन का डब्बा पंहुचाने को कहा और आशीष रिफाईन का डब्बा ले कर जब दुकान पर पहुँचा तो पिता मोहन गुप्ता ने देर से रिफाईन का डिब्बा लाने पर आशीष को जम कर झाड लगाया। अनवश्यक माँ बाप के डाँट से आशीष का बाल मन इतना आहत हुआ कि उसने माँ की साडी का फाँसी का फंदा बनाया और झूल गया। साम को आशीष की माँ जब उसके कमरे मे पंहुची और नजारा देखा तो दहाडे मार-मार कर रोने लगी। आशीष की लास को लेकर परिजन जब पीएचसी गये तो डाक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। आशीष के परिजन पुलिस को बगैर सुचना दिये ही लास का दाह शंसकार करने जब शवदाह करने की तैयारी कर रहे थे उसी समय पुलिस ने लास को अपने कब्जे मे ले लिया।