मेरठ-मायावती के सगे भांजे प्रबुद्ध कुमार ने थामा रालोद का दामन

मेरठ-जैसे-जैसे यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे दल बदलने और छोटी पार्टियों को बड़ी पार्टियों में विलय होना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में एक बार फिर बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है। बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती के भांजे प्रबुद्ध कुमार ने एक हजार समर्थकों के साथ मंगलवार को सपा-रालोद की रैली के दौरान रालोद का दामन थाम लिया है। इतना ही नहीं प्रबुद्ध कुमार ने अपनी बहुजन परिवर्तन पार्टी का विलय राष्ट्रीय लोक दल में कर दिया है। सपा-रालोद की संयुक्त रैली के दौरान खुद प्रबुद्ध कुमार ने विलय की घोषणा की है। माना जा रहा है कि इससे सपा-रालोद गठबंधन को चुनाव में मजबूती मिलेगी। क्योंकि शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशीली समाजवादी पार्टी का भी सपा में विलय होना तय है। इसके साथ ही अखिलेश यादव कई छोटे-छोटे दलों से भी गठबंधन कर रहे हैं।

यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा की राहें मुश्किल होती जा रही हैं। एक-एक कर कई बड़े नेताओं ने यूपी चुनाव से पहले ही पार्टी से किनारा कर लिया है। वहीं, आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर भी अकेले चुनाव मैदान में उतर बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी में जुटे हैं। इसी बीच मायावती के भांजे प्रबुद्ध कुमार ने बहुजन परिवर्तन पार्टी में का रालोद में विलय कर दलित वोट बैंक को गठबंधन की ओर मोड़ने की कवायद कर दी है। मेरठ के दबथुआ गांव में आयोजित सपा-रालोद की परिवर्तन संदेश रैली के दौरान गठबंधन की तरफ से कई लोक लुभावनी घोषणाएं की गई हैं। इसी दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती के सगे भांजे और भारतीय बहुजन परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रबुद्ध कुमार ने अपनी पार्टी का रालोद में विलय करने का ऐलान किया है। जयंत चौधरी और अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने यह अहम फैसला लिया है।

राष्ट्रीय लोक दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह प्रबुद्ध कुमार के फैसले से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि बागपत के रहने वाले प्रबुद्ध कुमार ने बहुजन परिवर्तन पार्टी के विलय करने का पत्र रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ होता है कि 2022 में उत्तर प्रदेश मं होने वाले चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी की साझा सरकार ही बनेगी।

पार्टी के ये पदाधिकारी रहे मौजूद-यशवीर सिंह ने बताया प्रबुद्ध कुमार ने करीब एक हजार समर्थकों के संग रालोद की नीतियों से प्रभावित होते हुए अपनी पार्टी का विलय किया है। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीपी सिंह, राष्ट्रीय महासचिव चौधरी विजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय सह संयोजक रामजी लाल कश्यप, जैनेंद्र जाटव, राजीव कुमार, ओमेंद्र गौतम, दया राम प्रजापति, फौजी फयाज हुसैन, सुभाष जाटव और पवन गौतम समेत नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।