रोती रही रजीया और हलाला के लिए घसीट कर ले गया ससुर

मुरादाबाद की रजिया खातून हलाला का नाम आते ही सहम जाती है। सोमवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से मदद मांगने पहुंची रजिया ने रो-रोकर आपबीती सुनाई। रजिया का कहना है कि शौहर ने तलाक दिया, फिर समझौता करने के बाद ससुर से हलाला करा दिया। इस रस्म को पूरा करने के लिए दो मौलवी भी साथ रहे। ससुर के साथ हलाला करने को मना किया तो मौलवी और ससुर हाथ खींचकर ले गए।

मुरादाबाद के बिलारी तहसील नगलिया मशकूला निवासी मुशर्रफ हुसैन की बेटी रजिया खातून का निकाह संभल के थाना नखासा निवासी मोहम्मद नूर के साथ हुआ था। 7 दिसंबर 2014 को निकाह हुआ और 30 सितंबर 2015 को रूखसती की रस्म अदा की गई। आरोप है कि रूखसती के दौरान ससुराल वालों ने अल्टो कार की डिमांड की। रजिया के घर वालों ने एक बुलेट और डेढ़ लाख नकद दे दिए। कार की डिमांड पूरी नहीं होने पर 24 दिसंबर 2015 को रजिया को घर से निकाल दिया। मायके पहुंची रजिया को उसी दिन फोन पर घरवालों की मौजूदगी में तीन तलाक बोल दिया। 2016 में ससुरालियों के खिलाफ रजिया ने मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें शौहर सहित देवर आदि पर गंभीर आरोप लगाए।

24 दिसंबर 2016 को बिचौलियों ने समझौता कर दिया। थाना में समझौता हुआ और फिर मौलवियों ने हलाला कराने की बात छेड़ दी। समझौते के बाद जब रजिया थाना से निकल कर अपने घर पहुंची तो वहां हलाला कराने पर चर्चा हुई। तय हुआ कि ससुर मो. शोऐब के साथ रजिया का हलाला होगा। इस पर रजिया और उसकी मां इशरत जहां ने विरोध किया। लेकिन ससुर और दो मौलवी जबरदस्ती उसको हलाला के लिए ले गए। रजिया ने बताया कि मौलवियों ने पैसे लेकर हलाला का निकाह पढ़ाया। रात में ससुर के साथ रही और सुबह होते ही ससुर ने तलाक दे दी। इसके बाद शौहर ने फिर से निकाह करने से इनकार कर दिया। सोमवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास रजिया और उसकी पड़ोसी रूकसार भी मिलने पहुंची। उन्होंने आपबीती सुनाई और हलाला करने, कराने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई के लिए आवाज उठाई है।