लखनऊ-अब बाहुबली अतीक के बेटे की गिरफ्तारी हेतू वारंट

लखनऊ- 28 दिसंबर 2018 को रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने लखनऊ मे एफआईआर दर्ज कराया था। दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक देवरिया जेल में बंद अतीक ने अपने गुर्गो के जरिए गोमती नगर ऑफिस से उसका अपहरण करा लिया।तमंचे के बल पर उसे देवरिया जेल ले जाया गया। अतीक ने उससे एक सादे स्टेम्प पेपर पर दस्तखत करने को कहा। उसके इनकार करने पर अतीक ने अपने बेटे उमर तथा गुर्गे गुरफान, फारुख, गुलाम इरफान के साथ मिलकर उसे तमंचे व लोहे की रॉड से बेतहाशा पीटा। उसके बेसुध होते ही सादे इस स्टैम्प पेपर पर दस्तखत बनवा लिया और करीब 45 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करा ली साथ ही जानमाल की धमकी भी दी। अतीत के गुर्गों ने उसकी एक्सयूवी गाड़ी भी लूट ली।देवरिया जेल में मारपीट और जबरन वसूलने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के पुत्र मोहम्मद उमर और अन्य अभियुक्त योगेश कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह आदेश विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने जारी किया है।राजधानी के प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर देवरिया जेल में मारने पीटने उससे जबरिया रंगदारी वसूलने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व सांसद पुत्र के खिलाफ तब तक के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है जब तक वह गिरफ्तार नहीं हो जाता है अथवा अदालत में आत्मसमर्पण नहीं कर देता है ।21 अक्टूबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने इन दोनों फरार अभियुक्तों मोहम्मद उमर व योगेश की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। 22 नवंबर को इस मामले के विवेचक व सीबीआई के सब इंस्पेक्टर नीरज वर्मा ने अदालत मे एक अर्जी दाखिल कर अदालत को तबताया कि इस आदेश के अनुपालन में अभियुक्त मोहम्मद उमर का प्रयागराज के एसबीआई व एचडीएफसी का एक-एक बैंक के अकाउंट सीज कर दिया गया है जबकि उसकी अचल संपत्ति का ध्वस्तीकरण सरकार ने पहले ही कर चुकी है। विवेचक ने योगेश के बारे में बताया कि इसका जो पता दर्ज है वह उसके रिश्तेदार का है लिहाजा उसकी संपत्ति का पता नहीं चल सका है।

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