लखनऊ-जय हो बाबा बुल्डोजर नाथ की,एमएलसी चुनाव में भी प्रचंड बहुमत

लखनऊ- बाबा बुलडोजर नाथ की कृपा से उत्तर प्रदेश के विधान परिषद में सबसे बड़ा दल बनने का भाजपा को सौभाग्य प्राप्त होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य विधान परिषद की 36 सीट पर विजय दर्ज करना है। 9 अप्रैल को हुए मतदान के बाद आज मंगलवार 12 अप्रैल को मतगणना के बाद परिणाम आएगा। भाजपा ने 36 सीटों में से 9 पर पहले ही निर्विरोध जीत दर्ज करा दी है, जबकि भाजपा को बाकी 27 में से कम से कम 25 सीट पर विजई होने की उम्मीद है। 02 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों के विजयी होने की संभावना है। वाराणसी में निर्दलीय अन्नपूर्णा सिंह और आजमगढ़ मऊ सीट पर विक्रम सिंह प्रांशु की जीत की संभावना सबसे अधिक है,ये दोनों भी अघोषित भाजपा के ही उम्मीदवार है। भाजपा को यदि 36 में से 34 सीट पर जीत मिलेगी तो 100 सदस्य वाले विधान परिषद में भाजपा के पास कुल 71 सदस्य होंगे। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि स्थानीय निकाय प्राधिकार क्षेत्र के चुनाव में सत्ता पक्ष की ही जीत होती है। वर्ष 2004 में जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे तब समाजवादी पार्टी 36 में से 24 सीटों पर जीती थी। इसके बाद 2010 में मायावती के शासनकाल में बसपा ने 36 में से 34 सीटों पर कब्जा किया था। अखिलेश यादव के समय भी कुछ नहीं बदला,2016 में अखिलेश की समाजवादी पार्टी ने भी 36 में से 31 सीट जीती थी। विधान परिषद में 38 सीटें निर्वाचन क्षेत्र की है ,36 सीटें स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की जबकि 8 सीटें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आती हैं और 8 सीटें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से आती हैं तथा 10 सीटों पर राज्यपाल द्वारा विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने का प्रावधान है।इसी वर्ष अप्रैल और मई में राज्यपाल द्वारा मनोनीत 6 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसमें मधुकर जेटली, बलवंत सिंह, जाहिद हुसैन, राजपाल कश्यप, संजय लाठर और अरविंद सिंह समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य हैं।इनके बाद यह तय है कि भाजपा के ही 6 सदस्य मनोनीत होंगे।संजय लाठर को अखिलेश यादव ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया है तो पार्टी लाठर को एक बार और विधान परिषद में भेज सकती है।