लखनऊ-ट्विटर के नेता रह गए है अखिलेश-मनोज यादव

लखनऊ, 18 जून 2021. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा है कि अखिलेश यादव संसद में सबसे कम सवाल पूछने वाले सांसद हैं. उत्तर प्रदेश में लगातार पिछड़े वर्ग के लोगों की हत्याएं होती रही, उनके साथ नाइंसाफी होती रही, पिछड़े वर्ग के नौकरियों में 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े वर्ग की हकमारी हुई और लगातार पुलिस द्वारा फ़र्जी एनकाउंटर में इस समुदाय के लोगों को मारा गया. लेकिन संसद में इन सवालों को अखिलेश यादव ने कभी नहीं उठाया। अब वो सिर्फ़ ट्विटर के नेता रह गए हैं.

प्रदेश मुख्यालय से जारी बयान में श्री मनोज यादव ने कहा कि अखिलेश यादव और उनका समूचा कुनबा उत्तर प्रदेश में यादवों का भावनात्मक दोहन कर रहा है. जहां पर यादव चुनाव लड़कर जीत सकते हैं वहां पर इनके परिवार के सदस्य चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे हैं. लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन के बाद भी फिरोज़ाबाद से रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव, कन्नौज से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, बदायूं से अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव भी चुनाव हार गए थे जो साबित करता है कि अब यादव परिवार से जातिगत आधार वोट भी नाराज़ हो चुका है.

श्री मनोज यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी पिछड़ा वर्ग की रिजर्व सीटों पर इटावा से मुलायम सिंह यादव के नाती अंकुश यादव और हमीरपुर से धर्मेंद्र यादव के साले पुष्पेंद्र यादव की पत्नी बंदना यादव को टिकट दिया गया है. जिससे साबित होता है कि समाजवादी पार्टी एक परिवार और उनके रिश्तेदारों की पार्टी है. उत्तर प्रदेश के गरीब पिछड़े और वंचित यादव से भी इनका कोई लेना देना नहीं है जबकि अन्य पिछड़ी जातियों को यह लगता है कि सिर्फ यादवो का ही भला करते हैं और यादवो को ही टिकट देते हैं जबकि अन्य पिछड़ी जातियों सहित अन्य यादवों का भी हक मुलायम सिंह यादव का परिवार खा और मोटा रहा है.

मनोज यादव
चेयरमैन, पिछड़ा वर्ग विभाग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी