लखनऊ-भाजपा 30 से 40% विधायकों के टिकट काट या बदल सकती है

लखनऊ-भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में टिकट कटने से होने वाली बगावत को रोकने के लिए कुछ प्रभावशाली विधायकों की सीट बदलने का निर्णय लिया है।भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सरकार की तरफ से कराए गए सर्वे में सामने आया है कि क्षेत्र की जनता और मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। वह मोदी और योगी के नाम पर भारतीय जनता पार्टी को वोट भी देना चाहते है लेकिन स्थानीय मौजूदा विधायकों की कार्यशैली से नाराज है। सर्वे के अनुसार भाजपा के मौजूदा 304 विधायकों में से 50 फ़ीसदी से अधिक विधायकों से उनके क्षेत्र की जनता नाराज है।भाजपा चुनाव जीतने के लिए कम से कम 30 से 40% विधायकों का टिकट काटकर वहां नए चेहरों को उतारना चाहती है। इससे मौजूदा विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी दूर हो जाएगी और क्षेत्र में बिगड़े माहौल को भी पक्ष में करने में आसानी होगी। पार्टी में उच्च स्तर पर हुए वैचारिक मंथन मे जो सामने आया है उसके अनुसार मौजूदा विधायकों में बड़ी संख्या में ऐसे हैं जो सपा बसपा और कांग्रेस छोड़कर वर्ष 2017 से पहले भाजपा में शामिल हुए थे ।यदि 30 से 40% विधायकों के टिकट काट दिए गए तो वह बगावत पर उतर जाएंगे। ऐसे में सपा बसपा या कांग्रेस के टिकट पर भी भाजपा उम्मीदवार के सामने चुनाव लड़कर पार्टी का चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं।ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि उन्हीं विधायकों का टिकट काटा जाएगा जिन्हें चुनाव नहीं लड़ने या उनके बगावती होने से पार्टी पर ज्यादा असर नहीं पड़े।ऐसे विधायक जिनका टिकट काटने से उनकी जाति का वोट खिसकने का डर है।उन्हें जिले या दुशरे जिले की दूसरी सीट या उनकी जाति के बाहुल्य वाले इलाके की किसी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक खासतौर पर कुर्मी,मौर्य, राजभर ,भूमिहार, ब्राह्मण, ठाकुर सहित कुछ अन्य जातियों के प्रभावशाली विधायकों की सीट बदली जाएगी।