लखनऊ-सच के पक्षधर एक पत्रकार का कबूलनामा

लखनऊ-सात साल कब बीत गये पता ही नहीं चला ! 2015 को लगा लखनऊ में शाम का अख़बार नहीं है ! नाम चुनने में मगजमारियाँ की जाती रही तब लगा शाम का अख़बार है तो 4 PM ही नाम रखा जाये ! अख़बार निकालने से पहले तय किया कि हम निष्पक्ष नहीं रहेंगे बल्कि सच के पक्षधर रहेंगे ! अख़बार चलाने का एक ही फ़ार्मूला था कि जो कथित बड़े अख़बार करोड़ों के एड के चक्कर में सरकार के खिलाफ कुछ नहीं लिख पाते वही लिखना है ! सरकार सपा की थी और मै दावा कर सकता हूँ कि जितना मैंने अखिलेश सरकार के खि़लाफ छापा उतना किसी बड़े अख़बार ने नहीं छापा ! अखिलेश जी से जब मिलता तो लगता था कि किसी ना किसी खबर को लेकर वो कहेंगे , नाराज़ होंगे ! पर उन्होंने किसी खबर को लेकर कभी कुछ नहीं कहा हालाँकि तब भी कुछ बड़े अफ़सर ऐसे ही कान भरते रहे उनके ! सरकार बदली ! हमको भी कहा गया जितना खर्चा होता है हम देगे पर सरकार के खि़लाफ कुछ नही छपना चहिये ! हमने हाथ जोड़कर कह दिया यह संभव नहीं है ! उसके बाद EOW से लेकर STF तक परेशानी झेलने का एक लंबा इतिहास रहा ! पर मैं जानता था कि यह झेल गया तो पूरे देश में पहचान बनेगी और वही हुआ भी ! इस बीच यू ट्यूब भी आ गया और दुनिया के 122 देशों तक पहुँच हो गयी ! आप सभी के प्यार के चलते आज देश भर में 4 PM की एक ख़ास पहचान बन गयी ! सात साल पूरे होने पर मैं आप सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ और कहना चाहता हूँ कि हम किसी व्यक्ति , किसी संस्था या किसी सरकार के ना पक्ष मे है और ना खि़लाफ ! सच लिखना आदत भी है और जुनून भी ! आपके प्यार के बिना यह संभव नहीं ! इसे बनाये रखियेगा-आप का संजय शर्मा 4 PM