वाराणसी-बेनियाबाग पार्क का नाम बदलने को लेकर काशी में सियासी उबाल

वाराणसी. शहर के प्राचीन बेनिया पार्क से लोकबंधु राजनारायण का नाम हटाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। वाराणसी के नागरिकों सहित समाजवादी पार्टी ने इसे मुद्दा बना कर भाजपा पर देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम- निशान मिटाने का आरोप लगाया है। कहा है कि बेनिया पार्क का नाम जो राजनारायण पार्क था वहां से राजनारायण का नाम हटाना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अपमान है। उनका कहना है कि एक तरफ आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, दूसरी ओर आजादी के दीवानों के नामो निशान मिटाने की साजिश रची जा रही है जो काशी की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

राजनारायण पार्कसमाजवादी पार्टी ही नहीं बनारस के पुरनिया, बुद्दिजीवी और समाजवादी सोच वाले नागरिकों ने बेनिया पार्क से लोकबंधु राजनारायण का नाम हटाए जाने पर सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी है।

सपा ने बताया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अपमान-
इस संबंध में समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी के नेतृत्व में सपा नेताओं का प्रतिनिधिनमंडल कमिश्नर से भी मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया है कि वाराणसी के हृदय स्थल बेनिया स्थित राजनारायण पार्क के सुंदरीकरण अभियान की आड़ में नाम ही बदल कर बेनिया पार्किंग कर दिया गया यह स्वंतंत्रता संग्राम सेनानी की अपमान है।
बेनिया पार्क के नामकरण संबंधी शासनादेशजनवरी 1994 में हुआ था। नामकरण, प्रतिमा का अनावरण मुयालम सिंह ने किया था।
उन्होंने बताया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे जुझारु राजनारायण के नाम पर इस बेनिया पार्क का नाम तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 14 जनवरी 1994 को किया था। साथ ही पार्क में लोकबंधु राजनारायण की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए उनकी मूर्ति का अनावरण भी किया था।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान रानी विक्टोरिया की मूर्ति को तोड़ा था राजनारायण ने-
सपा नेताओं ने बताया कि स्व राजनारायण ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ही गुलामी के प्रतीक के रूप में इस पार्क में लगी इंग्लैंड की महारानी की विक्टोरिया की मूर्ति तोड़कर पूर्वांचल में स्वाधीनता की मशाल प्रज्ज्वलित की थी।

बेनिया पार्क के नामकरण संबंधी शासनादेशसपा ने दी आंदोलन की चेतावनी-
सपा नेताओं ने मांग की है कि प्रशासन अपनी गलती को तत्काल सुधारते हुए बनियाबाग और बेनिया पार्किंग का बोर्ड हटा कर उसे पूर्ववत राजनारायण पार्क का बोर्ड लगाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन बेनियाबाग पार्क का नाम राजनारायण पार्क नहीं करता तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।