वाराणसी-सनबीम स्कूल के मैनेजर को मिली जमानत, दुष्कर्म के मामले में

वाराणसी। दुष्कर्म के मामले में आरोपित सनबीम स्कूल के मैनेजर को जमानत मिल गयी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत ने चंदुआ छित्तूपुर निवासी आरोपित मैनेजर दिलीप सिंह को एक-एक लाख की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह व अनुज यादव ने पक्ष रखा।

हर फ्लोर पर बाथरूम न होने के लिए अभियुक्त जिम्मेदार नहीं-
अदालत ने आरोपित को जमानत देतें हुए अपने आदेश में कहा अभियुक्त पर घटना के दुष्प्रेरण का आरोप लगाया गया है। पहला आरोप यह है कि यदि हर फ्लोर पर बाथरूम होता तो शायद घटना घटित नहीं होती और इसके लिए अभियुक्त को जिम्मेदार होना कहाँ गया है, जब कि इसका खंडन अभियुक्त के तरफ से किया गया और कहा गया कि वह स्कूल का एक कर्मचारी है और स्टेट मैनेजर के रूप में काम करता है। हर फ्लोर पर बाथरूम न होने के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। बाथरूम न होने का कारण स्कूल के प्रबंधक द्वारा अपने बयान में यह बताया गया कि नये बाई लाॅज के अनुसार अभी बाथरूम का निर्माण नहीं हुआ है। पुराने बने स्कूल में परिवर्तन करना कठिन कार्य है परंतु इसके लिए घटना के बाद कार्य शुरू किया गया है। न्यायालय की राय में, गाईड लाईन के अनुसार हर फ्लोर पर बाथरूम होना चाहिए परंतु बाथरूम न होने के लिए स्कूल का प्रबंधन जिम्मेदार हो सकता है, लेकिन इसके लिए किसी कर्मचारी को अपराध के दुष्प्रेरण के लिए दायित्वाधीन मानना उचित नहीं होगा।

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जाने क्या हैं मामला –
अभियोजन पक्ष के अनुसार रथयात्रा निवासी एक व्यक्ति ने सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 26 नवंबर 2021 को सुबह 7 बजे के करीब मेरी 9 वर्षीय बेटी लहरतारा स्थित सनबीम स्कूल में पढ़ने के लिए गयी थी। दोपहर में जब वापस लौटी तो उसने अपनी मां से रो-रोकर बताया कि आज जब वह स्कूल में बाथरूम करने गयी थी तो वहां एक आदमी जो बाथरूम साफ कर रहा था, वह मेरे अंदर जाने के बाद खुद भी अंदर चले आये और मेरे शरीर को अपने हाथ से रगड़ने लगे और मेरे साथ गलत हरकत करने लगे। साथ ही लड़की को किसी से कुछ बताने पर मारने की धमकी भी दिया। जब मां ने बच्ची को देखा तो उसके कपड़े में खून लगा हुआ था। जिसके बाद जब वादी ने स्कूल पहुंचकर पूछताछ की तो स्कूल वालों ने उक्त व्यक्ति का नाम सिंकू कुमार उर्फ अजय निवासी पसियाना गली, वरुणा बताया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में विवेचना के दौरान इस मामले में स्कूल के मैनेजर दिलीप सिंह का नाम प्रकाश में आया। इन पर आरोप था कि दिलीप सिंह ने ही सिंकू को नौकरी पर रखा था और उसके द्वारा दुष्कर्म करने के लिए मैनेजर ने ही दुष्प्रेरित किया था।

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