वाराणसी-स्पीड पोस्ट से अस्थि विसर्जन का विरोध

विनिष्टता के कगार पर काशी की संस्कृति-पौराणिकता एवं परंपरा

पनप रहा है काशी के नागरिकों में जन आक्रोश

विरोध में संगठित हुए डोम समाज, तीर्थ पुरोहित, समाज सेवी एवं व्यापार मंडल

बंद हो काशी की संस्कृति से छेड़छाड़, बंद हो गंगा पर प्रयोग

वाराणसी-काशी के प्रबुद्ध नागरिकों ने एक बैठक में आक्रोशित आरोप लगाया कि काशी का विकास के नाम पर विनाश परोसना बंद किया जाए।
सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए बैठक में “बाबा श्मशान नाथ मंदिर सेवा समिति” के व्यवस्थापक श्री गुलशन कपूर ने हरिश्चंद्र एवं मणिकर्णिका घाट पर बनने वाले विद्युत शवदाह गृह का विरोध करते हुए कहा कि यह शास्त्रोक्त नहीं है। गंगा तट पर शवदाह क्रिया भारतीय संस्कृति के अनुरूप होता है, उसे आधुनिक जामा पहनाना हमारी संस्कृति एवं पौराणिक पद्धति के विपरीत है।
श्री कपूर ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर चार धर्मशालाएं, दो गंगा लाभ भवन थे, जो अब गायब हो चुके हैं। अब सिर्फ बिड़ला धर्मशाला ही बचा है, जहाँ शवयात्री विश्राम करते हैं। अब उसे ढहाकर वहाँ शवदाह गृह बनाने की योजना अदूरदर्शी है, उसे तत्काल निरस्त किया जाना जनहित में होगा।
श्री विभूति नारायण सिंह ने बताया कि हरिश्चंद्र घाट पर पं. स्व. कमलापति त्रिपाठी जी ने लावारिस लाशों-पशुओं के लाशों के लिए विद्युत शवदाह गृह की स्थापना की गई थी न कि सार्वजनिक दाह संस्कार के लिए।
बैठक में तीर्थ पुरोहितों के पौराणिक काल से चली आ रही परम्परा को कुंठित करते हुए डाक विभाग एवं तथाकथित सामाजिक संस्था के द्वारा स्पीड पोस्ट से अस्थि विसर्जन की नई परम्परा का विरोध करते हुए पुरोहितों ने कहा कि अस्थि विसर्जन की परंपरा के लिए भारतीय शास्त्रों का अवलोकन करके ही कोई निर्णय या बयान देना चाहिए। उपस्थित सभी लोगों ने सर्व सम्मति से विरोध दर्ज कराया।

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बैठक नें उपस्थित ” अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ” के राष्ट्रीय महामंत्री, काशी तीर्थ पुरोहित सभा के मंत्री एवं ” गंगा सेवा समिति ” के अध्यक्ष पं. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि गंगा की अविरलता के लिए सरकार ने कुछ नही किया। गंगा पर हो रहे प्रयोग पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आदरणीय मोदी जी ने कहा था कि काशी के मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। लेकिन ठीक उसके विपरीत कार्य कर काशी के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किया जा रहा है। काशी में गंगा नहर बनाया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर घाटों के स्वरूप एवं गंगा की धारा प्रभावित की जा रही है। जिसका दुष्परिणाम हमारे सामने है, जो गंगा हरी एवं काई के रूप में दिखाई दे रही हैं।
बैठक में निर्णय किया गया कि जनजागरण अभियान के साथ माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित सभी सम्मानित पदों के नौकरशाहों को पत्र द्वारा विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही यदि आवश्यक हुआ तो माननीय न्यायालय का सहारा लिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित काशी पत्रकार संघ के निवर्तमान अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार प. राजनाथ तिवारी जी ने सभी के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि नागरिकों के एक प्रतिनिधि मंडल को माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से मिलकर उनको समस्याओं की जानकारी देना चाहिए। जिसका उपस्थित सभी लोगों ने समर्थन किया।
बैठक में मुख्य रूप से सर्वश्री बाबा श्मशान नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, विजय शंकर पांडेय, प्रधान तीर्थ पुरोहित पं. प्रेम शंकर दूबे, गौरव द्विवेदी, तीर्थ पुरोहित मनीष नंदन मिश्र , जयेंद्र नाथ दूबे उर्फ बब्बू, रमाशंकर द्विवेदी, उदय शंकर द्विवेदी, राजू पाठक, मनोज शर्मा, जमुना देवी चौधरी, शालू चौधरी, बेटू चौधरी, बहादुर चौधरी, मृत्युंजय सिंह, अनिल चौधरी आदि लोग उपस्थित थे।
बैठक की अध्यक्षता जमुना देवी ( बड़की मलकिन ) महरानी डोम समाज एवं संचालन श्री गुलशन कपूर ने किया। विभूति नारायण सिंह ( बब्लू ) जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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