हाल बीएचयू , बेहाल बीएचयू

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वाराणसी – बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आईसीयू में बेड की कमी का खामियाजा अक्सर गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भुगतना पड़ता है। सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आईसीयू में मात्र 15 बेड हैं। जबकि ट्रामा सेंटर के आईसीयू में 21 बेड हैं।

आईसीयू के बेड की तुलना में यहां आने वाले मरीजों की संख्या कहीं अधिक होती है। बीएचयू में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से औसतन 45 से 50 मरीजों को आईसीयू की जरूरत होती है। होता यह है कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आईसीयू में मरीज को 24 घंटे रखने के बाद कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय अथवा दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। इन अस्पतालों में भी यदि आईसीयू फुल हुआ तो मरीज को निजी अस्पतालों में ही शरण लेनी पड़ती है। ट्रामा सेंटर के आईसीयू बेड पर वहां बीएचयू से मरीज रेफर नहीं किए जाते। ट्रामा सेंटर में सीधे भर्ती होने वाले मरीज को ही वहां के आईसीयू की सुविधा मिल पाती है।

बीएचयू अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार लोगों के परिजनों को आईसीयू के लिए गिड़गिड़ाते हुए रोज ही देखा जा सकता है। बीते रविवार की रात बीएचयू अस्पताल में ही काम करने वाली एक नर्स को आईसीयू की सुविधा न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गयी।

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