ग़ाज़ीपुर

गाजीपुर: बैकफुट पर पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों का आंदोलन

गाजीपुर: विगत तीन दिनों से लोक निर्माण विभाग के जे इ. बीरेंद्र राम के साथ मारपीट करने वाले विधायक प्रतिनिधि की गिरफ्तारी के लिए विगत तीन दिन से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहे अधिकारी कर्मचारी महासंघ लो नि वि को जिलाधिकारी के ठोस आश्वाशन एवं एक सप्ताह के अन्दर गिरफ्तारी कर गुंडा एक्ट एवं गैंगस्टर की कार्यवाही करने के आश्वाशन पर एक सप्ताह के लिए आन्दोलन स्थगित कर दिया गया। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एस डी एम शालिगराम आज दूसरे दिन भी खुद धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों से आन्दोलन को स्थगित करने की अपील की।
आज के धरना प्रदर्शन एवं वार्ता में मुख्य रूप से कर्मचारी अधिकारी महासंघ लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड इं.बी.एल.गौतम इ.जे पी यादव, इं संतोष कुमार, इं अनुराग यादव, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष इं. सुरेंद्र प्रताप, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन जिलाध्यक्ष श्री मनोज यादव, नियमित वर्क चार्ज कर्मचारी संघ जिलामंत्री श्री अवधेश कुशवाहा, अध्यक्ष पंचम यादव, ई.आशीष श्रीवास्तव जनपद सचिव ई.राजेश कुमार यादव, इं. विजयपाल श्री रमाकांत, श्री रणजीत यादव, इं. रामवीर यादव के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक श्री अंबिका प्रसाद दुबे महासंघ जनपद सचिव इं. ओमप्रकाश गुप्ता संघर्ष समिति चेयरमैन इं. विनोद राणा, सह चेयरमैन इं. जितेंद्र कुमार यादव, इं. प्रमोद यादव, इं. दिवाकर विक्रम एवं जनपद के समस्त अधिकारी कर्मचारी परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता इं.बी.एल.गौतम तथा संचालन कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संयोजक इं. सुरेंद्र प्रताप एवं डि इं संघ के सचिव इं. राजेश यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अभी तक आपने लोक निर्माण विभाग के प्रादेशिक अधिकारी कर्मचारी महासंघ लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश गाजीपुर द्वारा निर्गत प्रेस विज्ञप्ति को पढा है लेकिन तमाम लोगों को यह पहले से ही आशंका थी की शासन सत्ता की हनक के आगे लोक निर्माण विभाग के तकनीकी और गैर तकनीकी कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार उसी दिन समाप्त हो जाएगा जिस दिन किसी आला अधिकारी का फोन अधिशासी अभियंता के ऊपर आएगा और अन्ततः हुआ भी वही,इसे कहते हैं शासन सत्ता की हनक। शासन सत्ता के आगे हमेशा कमजोर व्यक्ति को ही सर झुकाना ही पड़ता है विशेषकर यदि वह सरकारी कर्मचारी है तो वह चाह कर भी किसी माननीय या उसके प्रतिनिधि के खिलाफ किसी भी प्रकार की वैधानिक कार्यवाही करवाने में असमर्थ होता है। शासन सत्ता किसी भी राजनीतिक दल कर रहा हो अंततः सरकारी कर्मचारियों /लोक सेवक को आत्मसमर्पण करना ही पड़ता है । जखनिया विधानसभा में जब भी कोई सड़क बनती है तो वहां विधायक या फिर उनके प्रतिनिधि अवश्य पहुंचते हैं और गुणवत्ता खराब होने या किसी अन्य बात को लेकर ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों से विवाद कर बैठते हैं। ठेकेदारों से अभद्र भाषा का प्रयोग व मारपीट करने के बाद थानों में तहरीर दे देते हैं, यही वजह है कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में ठेकेदार अब काम करने से डर रहे हैं। विधायक बेदी राम के प्रतिनिधि अरविंद की दबंगई के कारण ही क्षेत्र की तीन सड़कों का निर्माण एक माह से बंद है पीड़ित ठेकेदार ने इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत भी की लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जखनिया विधानसभा क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर बारहट रोड से परसोतियां रसूलपुर वाया धर्मदेव यादव के डेरा तक मरम्मत कार्य,हुरमुजपुर मेन रोड से फेकू यादव के घर से डिहवां तक वाया बद्दुपुर चौहान बस्ती के लिंक रोड के सामान्य मरम्मत का कार्य और डोरा -जाही झोटना रोड के मरम्मत का कार्य होना है। डोरा जाही झोटना का जब मरम्मत कल कार्य चल रहा था तभी विधायक प्रतिनिधि 10 मार्च को अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और कार्यदाई संस्था के कर्मचारी हरे राम यादव की पिटाई कर दी। इसके बाद अगले दिन भी विधायक के समर्थकों ने मारपीट की। पीड़ित ठेकेदार ने डीएम और एसपी से मिलकर इसकी शिकायत की, थाने में तहरीर भी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब से इन तीनों सड़कों का निर्माण कार्य रुका हुआ है। कार्यकारी संस्था को डर है कि अगर वह काम फिर शुरू किया तो फिर से विधायक के समर्थक हमला बोला देंगे।