और जा सकती थी कितनों की जान

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गाजीपुर –नगर के लंका बस स्टैंड से सवारियों को लेकर एक बस वाराणसी के लिए रवाना हुई। दिन में करीब तीन बजे गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर स्थित नसीरपुर गांव के पास ही बस पहुंची थी कि अचानक सामने से टेम्पो आ गया। उसे बचाने में चालक ने नियंत्रित खो दिया और बस सड़क किनारे मिट्टी में चली गई। चालक की तरफ का पहिया मिट्टी में धंस गया। बस पेड़ के सहारे टिक गई। दुर्घटना के बाद सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ऊपर वाले का करम रहा कि बस में सवार कुछ यात्रियों को खरोंच आई। वे दुर्घटनाग्रस्त बस से उतरने के दूसरे बसों से गंतव्य के लिए रवाना हो गए। दुर्घटना को लेकर लोगों में चर्चा होती रही कि संयोग अच्छा था। यदि बस पेड़ के सहारे टिक गई। यदि पलट गई होती तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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