अरे ! कैविनेट मंत्री कोर्ट में

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वर्ष 2011 में वाराणसी जिला मुख्यालय पर किए गए धरना प्रदर्शन के मामले में सूबे के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर सैकड़ों समर्थकों के साथ शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय महेन्द्र सिंह यादव की कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट के समक्ष अर्जी देकर जमानती वारंट को रिकॉल करने का आग्रह किया। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 सितम्बर की तिथि तय कर दी।

प्रकरण के मुताबिक 3 जनवरी 2011 को कुछ कार्यकर्ताओं के जमीन पर बुलडोजर चलाने व दुर्व्यवहार करने को लेकर जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसको लेकर कैंट पुलिस ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बेटे अरविन्द राजभर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में ओमप्रकाश राजभर ने पहले ही जमानत करा ली थी। इसी बीच पुलिस ने विवेचना पूरी करके कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सम्मन जारी किया और पेश नहीं होने पर जमानती वारंट जारी किया। इस मामले में कैबिनेट मंत्री समेत नौ को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय महेंद्र सिंह यादव की अदालत में पेश होना था।

शुक्रवार को दोपहर 12 बजे मंत्री अपने समर्थकों के संग अधिवक्ता संजय चौबे के साथ कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने हाजिर होकर वारंट रिकाल कराया, जिसके बाद कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 25 सितम्बर नियत कर दी। मामले में मंत्री का बेटा अरविन्द चौधरी पेश नहीं हुआ जिसमें उसके खिलाफ जमानती वारंट जारी है। संभावना है कि अगली तारीख पर अरविन्द कोर्ट में पेश हो सकता है।

कोर्ट से बाहर निकलने पर कैविनेट मंत्री ने भाजपा सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं पर संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे वापस हो रहे है लेकिन मुझ पर दर्ज राजनैतिक मुकदमा बार-बार अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने के बाद भी वापस नही हुआ।

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