सुपौल: बिहार में यह कैसी शराब बंदी है

सुपौल: जिले के सिमराही स्थित मद्य निषेध थाना ने उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक मनीष कुमार सिंह को शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है !. यह घटना थाना परिसर में शुक्रवार को आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान घटी, जब मनीष कुमार सिंह नशे की हालत में वहां पहुंचे और अशोभनीय आचरण किया !
जिलाधिकारी ने बताया कि आरोपी ने न केवल सरकारी कार्यक्रम की गरिमा भंग की, बल्कि एक महिलाकर्मी के साथ दुर्व्यवहार भी किया! इस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और मनीष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया ! मामले में उनके विरुद्ध निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, साथ ही पीड़िता की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है !
सूत्रों के अनुसार, सिमराही स्थित मध निषेध उत्पाद थाना हाल ही में स्थापित किया गया था. बीती रात वहां एक आधिकारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे! इसी दौरान प्रधान लिपिक मनीष कुमार सिंह ने शराब के नशे में हंगामा किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल बिगड़ गया !
गिरफ्तारी के बाद मनीष कुमार सिंह को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया साथ ही, विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं !.
सारण जिले रहने वाले हैं मनीष कुमार——-
गौरतलब है कि गिरफ्तार लिपिक मनीष कुमार सिंह मूल रूप से सारण जिले के रिवीलगंज मुकरेड़ा वार्ड नंबर 5 के निवासी हैं उनकी इस हरकत से उत्पाद विभाग की छवि धूमिल हुई है और यह घटना राज्य सरकार की शराबबंदी नीति पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि इस बार खुद उत्पाद विभाग का एक अधिकारी ही नशे की हालत में पकड़ा गया है।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं और सरकार की शराबबंदी नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके !
दबी जुबान लोगों को कहना है कि शराब की सप्लाई में बड़े-बड़े सफेद पोश नेताओं के साथ-साथ वहां के स्थानीय अधिकारियों का बहुत बड़ा योगदान है जिससे कि उनकी कमाई का बड़ा साधन बना हुआ है ! लाख कोशिश के बावजूद भी शराब लोगों तक पहुंच जा रहा है जिसका जिम्मेदार सिर्फ मात्र फैला भ्रष्टाचार ही है !