पूर्वांचल

सांसद विनोद कुमार बिंद और डॉ ०संगीता बलवंत से बिंद समाज के लोग निराश

गाजीपुर, 09  जून 2026 – भदोही लोकसभा के सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद और गाजीपुर से राज्यसभा सांसद डॉ ०संगीता बलवंत को लेकर बिन्द समाज के कुछ लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि दोनों सांसदों ने हाल में जौनपुर जिले में हुए सौम्या बिंद दूल्हा हत्याकांड और गाजीपुर के कमलेश बिन्द एन्काउन्टर के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में नाकामयाब रहे। दुल्हा हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मिलने डा० विनोद तो गये लेकिन कुछ भी नहीं कर सके। राज्य सभा सांसद डॉ ०‌ संगीता तो कमलेश के परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधान भी उचित नहीं समझा।इसके बाद से समाज के एक वर्ग में चर्चा है कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे मामलों में और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। दोनों मामलों मे न्याय की मांग:स्थानीय स्तर पर समाज के लोगों ने दो मामलों का जिक्र किया है। पहला मामला जौनपुर का है, जहां सौम्या बिंद की हत्या का मामला बताया जा रहा है। दूसरा मामला गाजीपुर जिले का है, जहां कमलेश बिंद के परिजन एनकाउंटर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। समाज के कुछ लोगों का आरोप है कि कमलेश बिंद का एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ। हालांकि पुलिस ने पूर्व में एनकाउंटर को नियमानुसार बताया था। सांसदों से हस्तक्षेप की अपील :समाज के लोगों ने भदोही के लोकसभा सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद और राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत से इन मामलों में हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोनों नेता बिंद समाज से आते हैं, इसलिए समाज उनसे न्याय दिलाने की अपेक्षा रखता है।एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “जब जनप्रतिनिधि अपने समाज के मुद्दों पर ही आवाज नहीं उठा पाएंगे तो समाज का भरोसा कैसे कायम रहेगा। हम चाहते हैं कि दोनों सांसद गाजीपुर और जौनपुर के मामलों में प्रशासन से बात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।” जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा:इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। समाज के कुछ लोगों का मानना है कि सांसदों के पास नीतिगत स्तर पर मुद्दे उठाने का अधिकार होता है। वे संसद, मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर तक मामले को ले जा सकते हैं।वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि कानून व्यवस्था का मामला पूरी तरह प्रशासन और पुलिस का है। सांसद सीधे तौर पर जांच या गिरफ्तारी का आदेश नहीं दे सकते, लेकिन पीड़ित परिवार की आवाज को उचित मंच तक पहुंचा सकते हैं। सांसद कार्यालयों का पक्ष:इस संबंध में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद के कार्यालय से संपर्क किया गया तो उनके प्रतिनिधि ने बताया कि सांसद जी दोनों मामलों से अवगत हैं। जौनपुर मामले में वे पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं और अधिकारियों से निष्पक्ष जांच के लिए कहा है। गाजीपुर मामले में भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। सांसद हर वर्ग के लिए काम करते हैं और कानून के दायरे में रहकर हर संभव मदद का प्रयास किया जाएगा। आगे की राह :फिलहाल जौनपुर हत्याकांड में पुलिस जांच जारी है। गाजीपुर एनकाउंटर मामले में भी मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है। समाज के लोग अब दोनों सांसदों के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। नोट: इस समाचार में विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों और मांगों का उल्लेख किया गया है। न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अपने नियमों के तहत चल रही हैं।