स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक में एडीओ पंचायत सदर से मांगा स्पष्टीकरण

गाजीपुर, 09 जून 2026 – जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में हुई। बैठक में ग्रामीण स्वच्छता, ढांचागत विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कार्य में लापरवाही पर सदर एडीओ पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा गया। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर अपडेट:बैठक में बताया गया कि जनपद को प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए 5 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का लक्ष्य मिला है। विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत रसूलपुर टी शेखपुर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नगसर नेवाजू राय (रेवतीपुर) और कठउत (मुहम्मदाबाद) में निर्माण और टेंडर प्रक्रिया तेज करने के लिए 16-16 लाख रुपये, कुल 32 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट एसएनएस स्पर्श के माध्यम से जारी करने की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के नए लक्ष्य के लिए ग्राम पंचायत हरहरि (मरदह) से प्रस्ताव प्राप्त कर कार्रवाई की जा रही है।फीकल स्लज मैनेजमेंट और बायोगैस प्लांट:फीकल स्लज मैनेजमेंट के तहत 2 इकाइयों की स्थापना के लिए 1 एकड़ भूमि चिन्हित करने को सभी उप जिलाधिकारियों को जिलाधिकारी स्तर से अर्धशासकीय पत्र भेजने की पत्रावली तैयार है। बाराचवर की ग्राम पंचायत करीमुद्दीनपुर में जल निगम (ग्रामीण) द्वारा बन रहे बायोगैस प्लांट के संचालन में देरी पर समिति ने नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर प्लांट चालू करने की अंतिम चेतावनी दी गई है। 15100 शौचालयों का लक्ष्य आवंटित:वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 15,100 व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य मिला है। समिति ने इसका विकास खंडवार आवंटन स्वीकृत किया। सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिया गया कि फैमिली आईडी, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की गहन जांच कर पूरी पारदर्शिता से पात्र लाभार्थियों का चयन करें। वित्तीय समीक्षा में भदौरा और करण्डा आगे:15वें वित्त आयोग के बजट व्यय में भदौरा 80.58 प्रतिशत के साथ सबसे आगे और करंडा 53.36 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। 5वें राज्य वित्त आयोग के व्यय में करंडा 93.20 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर और मुहम्मदाबाद 63.76 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। निर्माण कार्यों की स्थिति :वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत अधिकांश अंत्येष्टि स्थलों और बहुद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ष 2025-26 के कुछ प्रोजेक्ट सुरहुरपुर, खतीरपुर में पूर्ण हैं। वहीं बखरा, महमूदपुर, चौराबोझ में जमीन विवाद के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इन्हें त्वरित विधिक निस्तारण कर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।बैठक में परियोजना निदेशक महेंद्र प्रताप यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी एडीओ पंचायत, खंड विकास अधिकारी वर्चुअली और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।








