Ghazipur news:ब्लैकमेलर पत्रकारों से कैसे बचें पार्ट-2

730

गाजीपुर-अभी तक आपने ब्लैकमेलर पत्रकारों के कार्यप्रणाली के बारे में पढ़ा।आज दूसरे पार्ट में मैं आपको बता रहा हूं कि इन की दवा क्या है ? और आपको करना क्या है ? सबसे पहले चाहे आप अध्यापक हो ,सफाई कर्मचारी हो, कोटेदार हो,चाहे मेडिकल स्टोर संचालक हो,चाहे नर्सिंग होम संचालक हो आज सभी के हाथ में स्मार्टफोन है।जब भी आप के ठिकाने पर ऐसे पत्रकारों का झुंड उतरे चाहे वह प्रिंट मीडिया के नाम पर हो, चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के नाम पर हो, चाहे वह न्यूज़ पोर्टल के नाम पर हो या यूट्यूबर के नाम पर हो यदि आप अध्यापक है तो पहले अपने स्कूल का गेट मत खोलिए अगर भौंकाल दिखाते है तो इन से कहिए बीईओ या बीएसए का विद्यालय मे प्रवेश करने का अनुमति पत्र दिखाईये या आप खुद उनको लेकर आईये।अगर आप के विद्यालय मे बाउंड्री वाल नहीं है तो सबसे पहले जब यह वीडियो बनाना शुरू करें तो आप भी अपने स्मार्टफोन से इन ब्लैकमेल पत्रकारों की वीडियो अवश्य बानाईये।इन्हें आराम से वीडियो बनाने दीजिए आप भी लगातार विडिओ बनाते रहिये।जब ये आपसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सौदेबाजी करने की बात करें तो आप इन्हें तत्काल पैसा देने की बात स्वीकार मत कीजिए। दो दिन, चार दिन करते-करते एक हफ्ते तक टरकाते रहीये मगर इनकार मत करिये। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन जो आप खबर की इमेज/फोटो मे दिया गया मोबाईल नं०9454402484 देख रहे हैं आप उस पर फोन करके अपनी समस्या को बताएं। अब आप अपनी समस्या को जब आप बताएंगे वह आपको अपना सारा गेम प्लान बतायेंगे और आप को उसी गेम प्लान के अनुसार चलना होगा। दूसरा काम आप यह करिए कि जब ये आपका वीडियो वायरल करने की बात करते हैं तो आप अपने द्वारा बनाये गये विडिओ को पूरे विवरण के साथ गाज़ीपुर टुडे के व्हाट्सएप नंबर 9452 980 894 पर भेज दीजिए और आप निश्चिंत हो जाइए।बाकी काम इन ब्लैकमेलर पत्रकारों के खिलाफ गाजीपुर टुडे कर देगा।कृपया पार्ट-3 का इंतजार करें धन्यवाद

Play Store से हमारा App डाउनलोड करने के लिए नीचे क्लिक करें- Qries