Ghazipur news:सावधान गुरुजनों को चूना लगाता साइबर क्रिमिनल

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गाजीपुर-हेलो मैं एसडीएम ऑफिस से बोल रहा हूं।स्वभाविक है कि यदि आप प्राइमरी स्कूल के मास्टर है तो इस प्रकार के फोन आते ही सतर्क हो जाएंगे। क्योंकि फोन करने वाला व्यक्ति साइबर क्राइम का मास्टरमाइंड है और आपको बातों में उलझा कर वह व्यक्ति पलक झपकते ही आपके बैंक खाते से लाखों रुपए उड़ा सकता है।यह कोई सुनी सुनाई घटना नहीं है बल्कि आंखों देखी घटना है। पीड़ित शिक्षक ने घटना के संबंध में एसपी समेत साइबर सेल में तहरीर दे दी है। पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता व तेजी से जांच कर रही है ।उक्त साइबरक्रिमिनल लगातार बिरनो ब्लॉक के विभिन्न प्राइमरी स्कूल में कार्यरत कई शिक्षकों को फोन करके उन्हें उनके मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड करने की बात कह रहा है। मंगलवार को करीब आधा दर्जन शिक्षक सीओ सिटी गौरव सिंह से मिलने के लिए उनके ऑफिस पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिल पाए। ऐसे में शिक्षकों ने उनके सीयूजी नंबर पर फोन करके पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस प्रकार शिक्षक को दिया धोखा-साइबर क्राइम का शिकार हुए शिक्षक अमरेंद्र कुमार सिंह निवासी अरखपुर थाना जंगीपुर के अनुसार 21 जनवरी की सुबह करीब 8:15 उनके मोबाइल पर फोन से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह एसडीएम ऑफिस से बोल रहा है। इसके बाद उसने एक निर्वाचन संबंधी सूचना जोड़ने की बात कही। इसके बाद उसने निर्वाचन संबंधी सूचना अपलोड करने को एक ऐप डाउनलोड करने को कहा इसके बाद उसने बातों में उलझा कर मुझसे मेरा बैंक खाता नंबर ले लिया तथा खाते से रूपये0102260 हैक कर लिया।

विरनों ब्लॉक के शिक्षकों को भी आया फोन- साइबर क्राइम में संलिप्त मास्टरमाइंड ने शिक्षकों को चूना लगाने के लिए 21 जनवरी का ही दिन चुना, पहले दिन उसने प्राइमरी स्कूल के शिक्षक अमरेंद्र सिंह को अपना शिकार बनाया लेकिन इसके बाद भी उसकी फ्रॉड गिरी जारी रही रही। इसके बाद तो उसने प्रतिदिन बिरनो ब्लॉक के अन्य शिक्षकों के मोबाइल पर फोन करना शुरू कर दिया। कुछ महिला शिक्षकों को भी उसने अपनी फ्रॉड गिरी का शिकार बनाया है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। साइबर सेल से जुड़े सूत्रों की माने तो 21 जनवरी से लेकर अब तक कुल 5 शिक्षकों की तहरीर इस संबंध में मिल चुकी है।साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड का शिक्षक प्रेम प्रकाश यादव, राजेश कुमार यादव, अवधेश यादव,सुधा सिंह को भी फोन करके भी उनसे एप डाउनलोड करने की बात की, हालांकि इन शिक्षकों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसकी वजह से यह सभी साइबर क्राइम का शिकार होने से बच गए।

काफी शातिर किस्म का है साइबर क्रिमिनल-काफी शातिर किस्म का है साइबर क्रिमिनल प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों को लाखों का चूना लगाने वाला साइबर क्रिमिनल काफी शातिर किस्म का है। चौका देने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि उस व्यक्ति के पास बिरनो ब्लॉक के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का मोबाइल नंबर कैसे प्राप्त हुआ ? यही नहीं फोन करने वाला व्यक्ति उक्त शिक्षक के सहयोगियों का नाम और पता भी जानता है। अमरेंद्र कुमार सिंह को जब उसने फोन किया तो उसने निर्वाचन के दौरान उनके साथ में काम करने वाले बीएलओ का नाम भी उन्हें बताया था ।इससे जाहिर हो रहा है कि उसके पास शिक्षकों का पूरा बहीखाता मौजूद है ।फोन उठाते ही वह व्यक्ति शिक्षक और विद्यालय का नाम भी बता रहा है यही नहीं ऐप डाउनलोड न करने पर साइबर क्रिमिनल शिक्षकों को सस्पेंड कराने की भी धमकी दे रहा है।जब कोई शिक्षक उससे बात करने से इंकार कर रहा है तो वह उसे गाली देकर सस्पेंड कराने की धमकी भी दे रहा है. एक शिक्षक ने बताया कि पहले फोन आया तो उसने अपना नाम परिचय बताने के साथ ही ऐप डाउनलोड करने की बात कही।इस पर जब मैंने मना किया तो वह गुस्से में आ गया है और मुझे उल्टा सीधा बोलने लगा। इसके बाद उसने फोन काट दिया। इधर से मैंने जब फोन मिलाया तो वह नंबर स्विच ऑफ बताने लगा ।इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी हुई है। साइबर सेल पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है।पूरा प्रयास किया जाएगा कि साइबर क्राइम करने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया जाए,यही नहीं जिन शिक्षकों के रुपए निकाले गए हैं उन्हें वापस लाने का भी पूरा प्रयास किया जाएगा।साभार-डीएनए

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