गाजीपुर-जि.पं.अध्यक्ष का चुनाव और डा०खालिद का बिचार

गाजीपुर-सभी राजनैतिक दल को अपने अंदर साहस जुटा कर जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराने का कानून बनाना चाहिए और जनता को भी इस कानून के बनाए जाने का दबाव बनाना चाहिए l जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक जनता भी ठगी जाएगी और राजनैतिक दल भी छले जाएंगे जितना धन विकास के लिए आता है उसका पहले से सौदा हो चुका होता है और जनता के धन का जी भर कर दुरुपयोग होता है इसमे कोई संशय नहीं है l किसी भी जनपद मे कोई भी प्रत्याशी चाहे वह किसी भी दल का हो, यदि वह यह कहता है कि उसने जनता के हित के लिए करोड़ों रुपये इस चुनाव को जीतने मे खर्च किया है तो यह एक बड़ा झूठ है, उसकी समाज के प्रति संवेदनाओं को तब माना जाता जब महामारी मे जनता के जीवन सुरक्षा मे आक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों पर व्यय किया होता और कुछ नहीं तो लकड़ियों की ही व्यवस्था करा दिया होता ताकि लोग अपने मुर्दों का अग्नि संस्कार कर पाते और जीवन दायनी गंगा का वह वीभत्स स्वरूप लोंगो ने न देखा होता, जिसे देख कर आत्मा रो पडी, शायद ही जीवन में उस दृश्य को भुलाया जा सके या और बहुत से अवसर होते हैं जब जनता त्रासदी झेल रही हो l जो राजनैतिक दल प्रसन्न हो रहे होंगे कि उनका प्रत्याशी चुनाव जीता है वह भ्रम मे है इस प्रकार का चुनाव राजनैतिक व्यापारी लड़ते हैं जिनकी निष्ठा धन के लिए होती जिसकी प्राप्ति सत्ता के साथ रह कर ही होती है न कि न दल के साथ l उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत का जो लोग चुनाव जीते हैँ उनका इतिहास उठाकर देख लीजिए जो कल सपाई थे या बसपाई थे आज वो भाजपाई हैं यही लोग सत्ता परिर्वतन के बाद उस दल के अलम बरदार बन जाएगें जो सत्ता सीन होगा l इस से सभी परिचित हैं l जिला पंचायत के चुनाव का परिणाम किसी भी विधान सभा के चुनाव का ट्रेलर नहीं है और दूर दूर तक य़ह परिणाम विधान सभा के चुनाव परिणाम को प्रभावित नहीं कर सकता l जो लोग ऐसा सोचते हैं वो भ्रम में है l

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