अरे यह क्या ! आंगनबाडी बिभाग में वाहन किराए के नाम पर करोड़ों की लूट

गाजीपु गाजीपुर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में चल रहे गोरखधंधे का एक नया मामला सामने आया है विभाग में फर्जी तरीके से किराए के वाहनों के आवंटन के जरिए लाखों रुपए लूटने का खेल किया जा रहा है बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में तैनात सभी सीडीपीओ को टैक्सी वाहन सरकारी कार्य हेतु फर्जी तरीके से अवबंटी कर कर लाखों रुपए का गोलमाल किया जा रहा है । यह गाड़ियां सिर्फ सरकारी कागजों पर दौड़ रही है। यह आरोप दिलदारनगर के पूर्व विधायक सिंहासन सिंह ने लगाया है और इस घोटाले की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। आरोप है कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में सीडीपीओ कार्यालय के लिए सरकारी कार्य हेतु वाहनों की व्यवस्था के तहत एक खेल किया जा रहा है , प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्या ने बिभाग के सरकारी कार्य के लिए कई गाड़ियों को किराये पर लिया है। इन गाड़ियों को विभिन्न ब्लॉक में स्थित परियोजना कार्यालय के नाम पर टैक्सी वाहन के रूप में आवंटित किया गया है ,लेकिन दिलचस्प बात यह है कि परियोजना वार आवंटित गाड़ियां सिर्फ सरकारी कागजों पर दौड़ रही है ।आरोप है कि इनोवा और स्कार्पियो जैसी गाड़ियों का आज तक किसी सीडीपीओ ने उपयोग करना तो दूर की बात है , देखा तक नहीं है । इतना ही नहीं आज तक किसी सीडीपीओ ने टैक्सी वाहन के रूप में आवंटित कर रखा गया इन गाड़ियों में सफ़र ही नहीं किया । विधायक के आरोप के अनुसार इस गोरखधंधे के जरिए बिभाग को हर माह कई लाख का चूना लगाया जा रहा है । 16 अगस्त 2017 को गाजीपुर जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्या ने एक आदेश के तहत जमानिया, भदौरा, भावरकोल ,सैदपुर ,कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद परियोजनाओं के लिए टैक्सी वाहन के रूप में किराए की गाड़ियों का आवंटन किया है ,लेकिन आवंटित गाड़ियां जमीन पर नहीं सिर्फ सरकारी कागजों में दौड़ रही हैं।

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