आंगनबाडी- जिसको धरना देना है दे,नो वर्क-नो पे का नियम हुआ लागू

लखनऊ- मानदेय बृद्धि को लेकर अभी कुछ दिन पुर्व आंगनबाडी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के लोगों ने लगभग40 दिन तक जिला मुख्यालय सहित ब्लॉक स्तरीय परियोजनाओं पर धरना देने के बाद 23-24अक्टूबर को लखनऊ के जी०पी०ओ०पार्क मे खुब हंगामा किया। उसके बाद एक दुशरे संगठन महिला आंगनबाडी कर्मचारी संघ की प्रदेश महामंत्री श्रीमती निलम पान्डेय ने 13 अक्टूबर को निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उ०प्र० लखनऊ से पंजीरी घोंटाले एवं मानदेय बृद्धि के लिये प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। जिसके जबाब मे निदेशक ने नीलम पान्डेय को पत्र लिख कहा कि शासन ने धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दिया है। इसलिए धरना-प्रदर्शन की अनुमति देना, शासकीय कार्य हित मे नही है। अत एव अपने-अपने विकास खण्डों के आंगनबाडी कार्यकर्तियों को निर्देशत करे कि अपने-अपने आंगनबाडी केंद्र पर उपस्थित हो कर अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वाह करे अन्यथा ” काम नही तो मानदेय नही ” के सिद्धांत पर मानदेय नही दिया जायेगा। इसके साथ ही डी०पी०ओ०,सी०डी०पी०ओ० को निर्देश दिया कि केन्द्र पर अनुपस्थिति कार्यकर्ति की सुचना प्रतिदिन निर्देशालय पर प्रेषित किया जाय।

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