एप्पल के विनय तिवारी की हत्या के बाद पुलिस ने रखा अपना पक्ष

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लखनऊ के गोमती नगर में cms स्कूल के पास दिनांक 28/29 की रात लगभग 3.30 बजे जो वारदात हुई है।इसमें जैसा बताया जा रहा है कि एप्पल कंपनी का सेल्समैन अपनी ड्यूटी से लौट रहा था।और अपने घर जा रहा था।और रास्ते मे पुलिस वाले गस्त करते मिलते है और उस गाड़ी को रोकने की कोसिस करते है।गाड़ी में सवार विवेक तिवरी गाड़ी पुलिस वालों के ऊपर चढ़ने की कोसिस करता है।जब कि सच्चाई ये है कि रात्रि गस्त पे जब दो सिपाही गस्त करते वक्त cms स्कूल के आस पास पहुचते है तो वहाँ पहले से ही खड़ी गाड़ी को देख कर उस गाड़ी के पास जाते है और माजरा देखने की कोसिस करते है।तो उस गाड़ी में एक लड़की के साथ विवेक तिवारी आपत्तिजनक इस्थिति में था।उस लडक़ी का नाम सना खान था।पुलिस वाले उसे निचे उतारने के लिए बोलते है मगर विवेक तिवारी नीचे उतरने के बजाय उन पुलिस कर्मियों को जो बेचारे पूरी रात जग कर अपना कर्तव्य पूर्वक अपनी ड्यूटी कर रहे थे।धमकाता हुवा सरकारी वहान जिस पर पुलिस कर्मी गस्त कर रहे थे।पर चढ़ा देता है।जो कि साफ साफ नजर आ रहा है। पुलिस वाले फिर भी कुछ नही करते और उसे नीचे उतरने के लिए बोलता है मगर एक बार नही कई बार विवेक तिवारी सरकारी वाहन में टक्कर मरता है और पुलिस कर्मियी को रौंद देने की कोसिस करता है।तो बताइए ऐसे में एक पुलिस वाला क्या कर सकता है।क्यो वो अपने बचाव के लिए फायर ना करे क्यो ना चलाये गोली। ओर फिर हमारे आला अधिकारियों के तो क्या कहने।अपने बचाव के लिए उल्टा उन पुलिस कर्मियों को ही दोषी ठहराया जा रहा है। **रंजीत कुमार पुलिस स्पेक्टर के फेसबुक वाल से**

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