करोड़ों खर्च लेकिन हरियाली का अता-पता नहीं

गाजीपुर : करोणों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन वन आच्छादित क्षेत्र में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। हालांकि वन विभाग ने वन दिवस पर कल यानी 20 मार्च को विभिन्न नर्सरियों पर गोष्ठी कर लोगों को पौधरोपण के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया है।

जिले का दो फीसद क्षेत्र आच्छादित है जबकि वन विभाग क्षेत्र में इजाफा करने का प्रयास कर रहा है। आंकड़ों की मानें तो बीते वर्ष नौ हजार 21 पेड़ काटे जा चुके हैं इसके बावजूद अच्छादित क्षेत्रों में कमी नहीं है। विभाग की ओर से लगाए गए पौधे अब वृक्ष का रूप ले पेड़ों की कमियों को पूरा कर रहे हैं। वन हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं। समस्त मानव का जीवन इन्हीं की हरियाली निर्भर करती है लेकिन वनों के लगातार काटे जाने के कारण इनकी संख्या कम होती जा रही है। वातावरण में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और अनेक प्रकार के श्वांस संबंधी रोग पैदा होते जा रहे हैं । बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए भारत में वन दिवस की शुरुआत 1950 में की गई। इसके पीछे मकसद था कि लोगों को पौधरोपण के महत्व को बताते हुए इसके प्रति जागरूक करना है। पांच बार चला है अभियान