गाजीपुर-दुष्कर्मी को 10 साल की कैद और 50 हजार का अर्थदंड

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गाजीपुर- करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवास व्यक्ति अपनी गाड़ी सुनील नामक ड्राइवर से भाड़े पर चलवाता था। सुनील प्रतिदिन अपने गांव से उसके घर जाकर उसकी गाड़ी को लेकर भाड़े पर चलाने के लिए ले जाया करता था। 7 जुलाई 2014 को गाडी मालिक अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में गया था।उसकी नाबालिग लड़की घर पर अकेली थी और वह स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी।प्रातः 10 बजे लडकी को स्कूल छोडऩे के बहाने सुनील ने उसे गाडी मे बैठाया और उसे बहला-फुसलाकर स्कूल ले जाने के बहाने लेकर फरार हो गया। पीड़िता नाबालिग के पिता-माता जब रिस्तेदारी से घर आये तो उन्हें ड्राइवर के इस कृत्य की जानकारी हूई।पीडिता के पिता ने पुलिस अधीक्षक को आरोपी के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपी के खिलाफ करीमुद्दीनपुर थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। 3 माह तक पुलिस आरोपी और नाबालिग को बरामद करने का प्रयास करती रही। 3 महीने बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए नाबालिक पीडिता को बरामद कर लिया।इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी सुनील को जेल भेज दिया गया। विवेचना के उपरांत पुलिस ने सुनील कुमार के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने पीडिता के पक्ष मे कुल 7 गवाहों को पेश कर पीड़िता का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट संख्या द्वितीय अजय श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को आरोपी सुनील को दोषी मानते हुए 10 साल की कड़ी सज़ा और 50 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड की आधी धनराशि पीडिता को पुनर्वास हेतू देने का आदेश दिया , साथ ही अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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