गाजीपुर-नगसर थानाध्यक्ष लाईन हाजिर,मजिस्ट्रेट करेंगे मामले की जाँच

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गाजीपुर-बहुत कम ही ऐसा देखने को मिलता है जब किसी जनहित के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष एक मत होकर संघर्ष करते हुए दिखाई देते हो। नगसर थानाध्यक्ष द्वारा नूरपुर के रिटायर्ड फौजी दिनेश पान्डेय व उनके परिवार व रिस्तेदारी के 9 लोगों को फर्जी तरीका से गिरफ्तार कर बुरी तरह से मारपीट और जेल भेज दिया था। जमानत पर रिहा होने पर पिडित पक्ष ने सम्बंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित वैधानिक कार्यवाही हेतू तमाम उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया।

उन्होंने प्रार्थना पक्ष पत्र में आरोप लगाया कि मेरी बड़ी माता माया देवी का निधन 15 जुलाई को होने के उपरांत उनका ब्रह्मभोज 27 जुलाई की तय था। इसमें शामिल होने के लिए नाते-रिश्तेदार सहित पट्टिदार तेरही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। पूरा परिवार तेहरी की तैयारी में लगा था। इसी दौरान देर शाम करीब छह बजे परिवार के सुशील पांडेय, कमल कुमार पांडेय, अविनाश पांडेय, निर्भय पांडेय, इंद्रजीत पांडेय, विशाल पांडेय दरवाजा पर तेरही में आने-जाने वालों को खिलाने-पिलाने की तैयारी में जुटे थे। इसी बीच थाना प्रभारी नगसर हाल्ट रमेश कुमार कई पुलिस कर्मियों और सादे वेश में कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचे। गाली देते हुए कहा कि तुम्हारे घर में मुल्जिम झनकू पांडेय के छीपे होने की जानकारी मिली है। न होने की बात कहने पर थानाध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस कर्मियों पट्टीदार सुशील पांडेय, कमल कुमार पांडेय वगैरह को धप्पड़, लात-घूसा, लाठी और बंदूक के कुंदा से मारने-पीटने लगे। लोग जान बचाकर घर के अंदर गए तो अंदर घुसकर भी पुलिस ने मारा-पीटा। मकान में तोड़-फोड़ किया। पुलिस पट्टीदार सुशील पांडेय कमल कुमार पांडेय, अविनाश पांडेय, निर्भय पांडेय, इंद्रजीत पांडेय, भूपेंद्र पांडेय, विशाल पांडेय, विक्की पांडेय को मारते-पीटते हुए गाड़ी में लादकर थाना लाए। जहां पर जातिसूचक गालियां देते हुए सभी की जमकर पिटाई की, जिससे लोगों के प्राइवेट पाट्स के साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई। सभी के खिलाफ पुलिस ने फर्जी मुकदमा कायम कराया। न्यायालय द्वारा जमानत पर छूटने के बाद प्रार्थी जब घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना पहुंचा तो थाना प्रभारी ने फटकार लगाते हुए भगा दिया। कहा कि यदि दोबारा रिपोर्ट दर्ज कराने आए तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। ऐसा केस बनाऊंगा कि जीवन भर जेल में सड़ते रह जाओगे। निवेदन है कि मामले की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि पीड़ितों ने जख्म का जो फोटो दिखाया, उसमें पुलिस की बर्बरता साफ झलक रही थी। पुलिस का यह रूप देख वेदप्रकाश शर्मा की वर्दी वाला गुंडा उपन्यास की याद आ गई। जदयू के जिलाध्यक्ष विनित तिवारी ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की इस ज्यादती को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अविलंब थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें निलंबित करें। यदि सात दिनों के अंदर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो जनता दल यूनाइटेड धरना-प्रदर्शन को बाध्य होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस संबंध में नगरस थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार से बात करने पर उन्होंने कहा कि मारने-पीटने का आरोप पूरी तरह से गलत है। मुल्जिम को छुड़ाने के मामले में इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। थानाध्यक्ष लाईन हाजिर 1अगस्त को पुलिस अधीक्षक डा०ओ.पी. सिंह ने लाईन हाजिर कर दिया। दुशरी तरफ इस मामले की मजिस्ट्रेटों जाँच हेतू जिलाधिकारी ने जमानियां एसडीएम को जाँच अधिकारी नामित करते हुए शीघ्र जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

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