गाजीपुर-फिटनेंश फेल स्कूल बसें और खतरे मे बच्चो की जाँन

गाजीपुर- अभिभावकों से काफी मोटा परिवहन शुल्क वसुलने वाले स्कूल प्रबन्धन ने कभी भी अपने वाहनों का फिटनेश टेस्ट नही कराया और तो और गाजीपुर के परिवहन बिभाग ने कभी स्कूल बसो या बच्चो को स्कूल पंहुचाने वाले आटो या उसके ड्राईबर के लाइसेंन्स को ही चेक किया। अगर स्कूल प्रबन्धन और परिवहन बिभाग लापरवाह है तो अभीभावक भी कम लापरवाह नही है, आज तक मुझे ऐसा कोई अभिभावक नही मिला जिसने अपने बच्चे को स्कूल ले जाने वाले बस ड्राईवर से उसका लाईसेंस माँग कर देखा हो। जब कोई दुर्घटना घट जाती है तो सभी हाय तौबा मचना शुरू करते है। आईये जाने स्कूल बसो के मांनक क्या है ?  1- चालक के पास कामर्शियल ड्राईबर का लाईशेंस होना चाहिये । 2- ड्राईवर के पास 5 शाल का अनुभव हो। 3-पर्यावरण प्रदुशण प्रमाण पत्र । 4- गाडी और बच्चों का बीमा । 5-स्पीड गवर्नर और स्पीड अलार्म । 6- जी.पी.एस.सिस्टम । 7- सी.सी.टी.वी.कैमरा । इसके अलावा मा०उच्चतम न्यायालय के द्वारा और भी कई मानक है लेकिन सब का उल्लेख करना यहाँ उचित नही है।

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