गाजीपुर-बेटी पूनम ने दिया पिता को मुखाग्नि

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गाजीपुर-राम अवध सिंह यादव ग्राम रामदोपुर पोस्ट रूहीपुर थाना बिरनो की सिर्फ 3 पुत्रियां थी उन्हें कोई पुत्र नहीं था। लेकिन रामअवध सिंह यादव ने कभी भी यह महसूस नहीं किया की उन्हें लड़का नहीं है।उन्होंने अपनी तीनों पुत्रियों को अच्छी शिक्षा-दिक्षा दिलाई। इसी का प्रतिफल था कि बड़ी पुत्री पूनम यादव प्राथमिक विद्यालय बीकापुर शिक्षाक्षेत्र सदर गाजीपुर मे प्रधानाध्यापक के पद पर तथा दूसरी बेटी प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर शिक्षाक्षेत्र जमानियां गाजीपुर में सहायक अध्यापक के रूप में तथा तीसरी बेटी बीटेक के बाद बीटीसी कर कामयाबी के मुकाम को हासिल किया।अक्सर तीनों बेटियों के सफलता की गांव मे चर्चा होती रहती है।गाँव वाले कहते हैं कि किसी को बेटा देने से बेहतर है कि रामअवध की लायक बेटियां ही दें ।बहुत ही खुश मिजाज और मिलनसार व्यक्तित्व के स्वामी रामअवध यादव यदि कहीं बेटा और बेटी मे अन्तर की बात होती और कोई कोई बेटियों के सम्मान के खिलाफ कुछ कह देता तो राम अवध यादव भड़क जाते थे।अचानक बीते शनिवार की रात रामअवध यादव का निधन हो गया।रविवार को जब रामअवध का दाह संस्कार के लिए जब शव यात्रा शुरू हुई तो बेटियों को पिंडदान और मुखाग्नि देते हुए देखकर लोग कहने लगे कि सचमुच बेटियों ने आज सिद्ध कर दिया कि बेटों से हमेशा बेटियां बड़ी होती हैं। बेटी के द्वारा मुखाग्नि देते हुए देखकर शवदाह स्थल पर उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गई।

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