गाजीपुर-भयभीत शिक्षा माफिया

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गाजीपुर-जनपद मे ऐसे तमाम स्ववित्तपोषित महाविद्यालय है जिनके एक ही कैम्पस मे प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल, इन्टरमीडिएट, बीटीसी ,बीएड ,डीएलएड, स्नातक व स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित करते है।एक ही कैम्पस मे कई शिक्षण संस्थानों की जाँच हेतू शासन ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।इस जाँच समिति की जाँच मे अपने गडबड झाले की पोल खुलती देख जनपद के शिक्षा माफिया काफी बौखला गये है। इस जाँच समिति की जाँच रूकने हेतू महाविद्यालयों मे तालाबंदी, हाईकोर्ट मे लंबित याचिका का हवाला दे रहे है।यदि जाँच समिति ईमानदारी से जाँच कर देगी तो एक-दो नहीं सैकड़ों की संख्या में महाविद्यालय प्रबंधक /संचालक जेल के अन्दर होगें। एक ही भूअभिलेख और बिल्डिंग को बार-बार दिखा कर मान्यता लेने का खेल इस जनपद मे काफी पुराना है। जनपद मे ऐसे-ऐसे नकल माफिया है जिन्हें चलने के लिए कभी टुटी साईकिल नशीब नहीं होती थी आज लग्जरी फोरव्हीलर से फर्राटा भरते है। ए नकल माफिया अब शिक्षा माफिया हो गये है। तीन सदस्यीय जाँच समिति की जाँच रूकने हेतू यदि इन्हें कानूनी तिकड़म का सहारा लेना पडेगा तो ए लोग हाईकोर्ट क्या ? ये सुप्रीम कोर्ट का भी सहारा ले लेगे। इन नकल/शिक्षा माफियाओं के पास धन की कोई कमी नहीं है।

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