जमानियाँ -गाजीपुर की निर्भया को कौन इंसाफ दिलायेगा ?

गाजीपुर जनपद की तहसील जमानिया का एक गाँव है बडेसर । बडेसर को आम भाषा मे आस-पास के लोग बुडाडीह बडेसर के नाम से संबोधित करते करते है। बडेसर निवासी भोला खरवार खेत मे ही मकान बनवा कर परिवार के साथ रहते है। शुक्रवार की रात भोला खरवार की 15 वर्षिय पुत्री छाया खरवार अपने माँ  गायत्री के बगल मे चारपाई डाल कर सो रही थी। रात 11 बजे माँ गायत्री की नीद खुली तो उसने देखा की छाया अपने बिस्तर पर नही है। माँ गायत्री ने सोचा की छाया सौच या लघुसंका हेतू गयी होगी। काफी देर के बाद भी जब छाया नही आई तो गायत्री ने अपने पति भोला खरवार को जगाया और छाया के लापता होने की सूचना दिया। पति और पत्नी ने आस-पास खेतो मे बहुत खोजा लेकिन कुछ पता नही चलने पर 100 नं० फोन किया। कुछ देर बाद पुलिस पंहुची और छान बीन करने के बाद पुलिस वापस लौट गयी। शनिवार की सुबह भोला खरवार जमानियाँ कोतवाली मे पुत्री की गुमशुदगी की एफ.आई.आर. दर्ज कराने पंहुचे लेकिन जमानियाँ पुलिस का अमानवीय चेहरा उस समय नजर आया। पुलिस ने कभी फोटो,कभी निवास प्रमाण पत्र मांगा लेकिन एफ.आई.आर.दर्ज नही किया। अंतत: सोमवार को छाया खरवार की लास घर से 100 मीटर दुर ईट भट्ठे के पास कुंए मे उतराई हुई मिली। लास को देखने से लग रहा था कि कम से कम चार दरिंदो ने उसके साथ बलात्कार करने के बाद गला दबा कर हत्या किये है। वस्तु स्थिति तो पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगी लेकिन सब से अधिक तो निंदनीय है जमानियाँ पुलिस का कार्य और व्यवहार है।

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