लखनऊ-एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से राजधानी मे दहशत

लखनऊ। तीर्थनगरी सोरों के समीपवर्ती गांव होडलपुर में रविवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते बिजलीघर के पास आरोपियों ने प्रधान के परिवार के लोगों को घेर कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे तीन लोगों क मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अलीगढ़ रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद से लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने पहले शव भी नहीं उठने दिए। अफसरों के समझाने बुझाने के बाद काफी देर में शव को पोस्मटमार्टम के लिए भेजा जा सका। तनाव के हालात को देखते हुए मौके पर पीएसी और कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया गया। बाद में जिलाधिकारी सीपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए। देर रात पुलिस ने गांव के सात लोगों को हिरासत में लिया है।  होडलपुर गांव की ग्रामप्रधान सत्यवती के ससुर राजपाल उर्फ बाबा पूर्व प्रधान हैं। गांव के बाहर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान है। रविवार रात को उनका बेटा भूपेंद्र उर्फ रुद्र (25) भाई प्रेम सिंह (55) और उनका बेटा राधाचरन (27) दूसरा भाई प्रमोद और परिवार के ही गुड्डू दुकान से वापस आ रहे थे। इसी दौरान करीब 20 लोगों ने उन्हें बिजलीघर के पास घेर कर फायरिंग शुरू कर दी। इससे पांच लोगों को गोली लग गई। इसमें भूपेंद्र, प्रेम सिंह राधाचरन की मौके पर ही मौत हो गई और प्रमोद व गुड्डू घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिे अलीगढ़ भेज दिया गया। घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 40 से 50 राउंड फायरिंग हुई। आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग गए। जानकारी पर एसपी सुशील घुले, एएसपी आदित्य वर्मा सहित अन्य अधिकारी व पुलिसबल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों और पुलिस का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिए। आक्रोश को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा। बाद में पीएसी और अन्य थानों का पुलिसबल बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व प्रधान राजपाल उर्फ बाबा की डा. केके राजपूत से पुरानी रंजिश है। दो दशक पहले डा. केके के परिवार में किसी की हत्या की गई थी। इसमें पूर्व प्रधान जेल गए थे। इसके अलावा पिछले वर्ष गांव में एक जुलाई को ऑनर किलिंग की घटना हो गई थी। इस मामले को लेकर पूर्व प्रधान और डॉ. केके राजपूत के परिवारों में तल्खियां और बढ़ गईं थीं। इसी के चलते केके राजपूत के पक्ष ने घटना को अंजाम दिया है।