लखनऊ- हाईकोर्ट जायेगी कांग्रेस-शहनवाज आलम

0
412

लखनऊ, 12 नवम्बर 2020। अल्पसंख्यक कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर न्यायपालिका की अवमानना का आरोप लगाते हुए कहा है कि एनआरसी विरोधी आंदोलन में शामिल लोगों की संपत्ति की कुर्की के आदेश पर कोर्ट द्वारा स्टे होने के वावजूद लखनऊ प्रशासन लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर रहा है।

अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में लखनऊ के अब्दुल तौफ़ीक़ का मामला उठाते हुए कहा कि इनको हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति श्रीमती सरोज यादव ने 14 अक्टूबर को ही कुर्की की कार्यवाई के ख़िलाफ़ स्टे दे दिया था। अब्दुल तौफ़ीक़ ने 16 जून को तहसीलदार सदर के कुर्की आदेश की वैधता को चुनौती दी थी। जिस पर दो सदस्यीय बेंच से सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए 4 हफ़्ते के मोहलत की गुहार की थी। जिसे अदालत ने मान लिया था और अगली तारीख़ से पहले तक किसी तरह की वसूली पर रोक लगा दी थी। इस मामले में अभी तक कोई तारीख़ नहीं मिली है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि एक तरफ तो अजय सिंह बिष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनते ही अपने ऊपर लगे आपराधिक मुकदमों को हटा देते हैं साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर दूर्गा पूजा की फ़र्ज़ी रसीद छपवाकर चन्दा इकट्ठा करने जैसे लगे मुकदमें को ‘जनहित’ में हटा दिया जाता है। लेकिन अदालत से जवाब दाखिल करने की मोहलत ले कर भी सरकर जवाब तो दाखिल नहीं करती बल्कि उल्टे कोर्ट का अवमानना करते हुए बेगुनाहों से वसूली करने पहुँच जा रही है।

शाहनवाज़ आलम ने आरोप लगाया है कि ऐसा सिर्फ़ लखनऊ में ही नहीं हो रहा है बल्कि हर मोर्चे पर विफल और साम्प्रदायिक कुंठा से बुरी तरह पीड़ित मुख्यमंत्री के शह पर पूरे प्रदेश में ऐसा किया जा रहा है। जिसका मकसद संविधान विरोधी एनआरसी के ख़िलाफ़ उठने वाली आवाज़ों को दबाना और इसके बहाने पुलिस को अवैध वसूली का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का विधि विभाग कोर्ट की अवमानना में लिप्त अधिकारियों के ख़िलाफ़ न्यायोचित कार्यवाई के लिए अदालत जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here