लखनऊ-12 को फांसी,456 को आजीवन कारावास

लखनऊः 06 अप्रैल, 2021लखनऊ- मुख्यमंत्री उ०प्र० के निर्देश पर विगत 17 अक्टूबर 2020 से चलाये गये मिशन शक्ति अभियान के दौरान महिला एवं बाल अपराधों में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से इन अपराधों में लिप्त अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुयी है।

अपर मुख्य सचिव गृह, श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने उक्त जानकारी देते हुये बताया है कि विगत 17 अक्टूबर, 2020 से इस वर्ष 24 मार्च तक लगभग 05 माह से अधिक की अवधि में अभियोजन विभाग ने प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप एक दर्जन अभियुक्तों को मृत्यु दण्ड की तथा 456 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की गयी है।

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श्री अवस्थी ने बताया कि उक्त अवधि में अभियोजन विभाग को 414 अभियुक्तों को दस वर्ष एवं उससे अधिक का कारावास तथा 1178 अभियुक्तों को दस वर्ष से कम के कारावास की सजा प्रभावी पैरवी के माध्यम से दिलाने में सफलता प्राप्त हुयी है। इसके अलावा 503 अभियुक्तों को अर्थदण्ड़ दिलाने में भी सफलता मिली है।

अपर पुलिस महानिदेशक, अभियोजन, श्री आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि उक्त अवधि में 1580 अभियुक्तों को जिला बदर भी कराया गया है तथा 9881 अभियुक्तों की जमानत खारिज कराने में भी सफलता प्राप्त की गयी। अभियान के दौरान बलात्कार सहित हत्या के ऐसे मामले जो विरले से विरले थे, उनमे प्रभावी अभियोजन द्वारा जनपद हापुड़, हाथरस, रायबरेली, बांदा, गाजियाबाद, हरदोई, जौनपुर, सुलतानपुर व बुलन्दशहर में विभिन्न अभियोगों में 12 अभियुक्तों को फांसी की सजा से दण्डित कराया जा चुका है।

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शासन द्वारा निर्देश दिये गये कि बलात्कार सहित हत्या के मामलों में ऐसे मामले जो विरले से विरले पाये जायें, अभियोजन विभाग उनमें मृत्युदण्ड की सजा सुनिश्चित कराने के हर संभव प्रयास करे ताकि अपराधियों के बीच यह संदेश स्पष्ट एवं मुखर रूप से पहुँचे कि यदि उनके द्वारा ऐसा जघन्य अपराध किया जायेगा तो उन्हें प्रत्येक दशा में मृत्युदण्ड ही मिलेगा।

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अपर पुलिस महानिदेशक, अभियोजन ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान विभिन्न संवेदनशील प्रकरणों में तथा ऐसे मामलों में जिन्होंने समाज की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था, उनमें अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को कठोर सजा करायी गयी।