लोवर और टी-शर्ट में कैविनेट मंत्री पंहुचे कोतवाली और फरियादियों की लाईन में

वलियां – कैविनेट मंत्री के निजी सचिव के फोन करने के करीब एक घंटे बाद भी कोतवाल नहीं पहुंचे तो कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश का पारा चढ़ गया। वे लोवर व टी-शर्ट में ही स्थानीय कोतवाली पहुंच गये। वहां कुर्सी पर बैठने के बजाए, आम फरियादियों की तरह कतार में खड़े हो गये। करीब एक घंटे बाद सीओ के पहुंचने पर उनके तेवर थोड़े नरम हुए। उधर, कैबिनेट मंत्री के अचानक पहुंचने से कोतवाली में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

गुरूवार की सुबह कैबिनेट मंत्री रसड़ा स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय पर बैठकर जनसमस्या सुन रहे थे। इसी बीच कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र गोपालपुर गांव में दो दिन पहले हुई घटना का उदाहरण देते हुए रसड़ा कोतवाली पुलिस पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने अपने निजी सचिव से फोन करके कोतवाल को बुलाने को कहा। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद कोतवाल नहीं आये। इससे मंत्री नाराज हो गये और कार्यालय से उठकर सीधे कोतवाली पहुंच गये। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंत्री के आने के जानकारी कोतवाल को दी तो वह भागे-भागे पहुंचे। मंत्री ने कोतवाल ज्ञानेश्वर मिश्र से बुलाने के बावजूद नहीं आने का कारण पूछा तो बताया कि ड्राइवर नहीं होने की वजह से देर हो गयी। हालांकि मंत्री उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए, कहा कि अगर ड्राइवर नहीं थे तो यही बात फोन करके बताना चाहिए था। इस तरह बहानेबाजी नहीं चलेगी। जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रयासरत कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जायेगी।