शिक्षामित्र प्रकरण-जाँन बची तो लाखों पाये

गाजीपुर आज एक लाख बहत्तर हजार शिक्षामित्रो के साथ-साथ उनका परिवार माननीय् उच्चतम न्यायालय दिल्ली की तरफ टकटकी लगाये देख रहा था। सब भगवान से यही दुवा कर रहे थे कि हे भोले नाथ रोजी रोटी बनी रहे। 12 सितम्बर 2015 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने शिक्षामित्रो के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को रद्द करने का फैसला सूनाया था तभी उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्र और उनका परिवार काँफी असमंजस की स्थिति मे पडे हुए थे, कि आगे क्या होगा । खैर काफी लडाई व व्यवधान के बाद आज मा०उच्चतम न्यायालय ने शिक्षा मित्रों की सेवा इस सर्त पर बहाल रख्खा है कि दो वर्ष के भीतर टी.ई.टी. परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। 

Play Store से हमारा एप्प डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें Find us on Play Store