ग़ाज़ीपुर

पाक्सो एक्ट में कोर्ट ने सुनाया 4 साल की सज़ा व 20 हजार का अर्थ दंड

गाजीपुर, 05 जून 2026 – उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते रेवतीपुर थाने में दर्ज 2017 के पॉक्सो एक्ट के मामले में माननीय न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाई है। क्या है पूरा मामला:थाना रेवतीपुर में वर्ष 2017 में मु0अ0सं0 395/2017 धारा 354, 323 भादवि व 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इस प्रकरण में आरोपी वोदा सिंह उर्फ भोला सिंह पुत्र अवधेश सिंह निवासी नौली दक्षिण, थाना रेवतीपुर, जनपद गाजीपुर के खिलाफ नाबालिग से छेड़खानी और मारपीट का आरोप था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। कोर्ट ने सुनाया सज़ा:दिनांक 05.06.2026 को मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की मजबूत पैरवी के फलस्वरूप माननीय न्यायालय ने आरोपी वोदा सिंह उर्फ भोला सिंह को दोषसिद्ध किया। कोर्ट ने दोषी को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई: धारा 354 भादवि में 04 वर्ष का साधारण कारावास व 10,000 रुपये का अर्थदंड। धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट में 04 वर्ष का साधारण कारावास व 10,000 रुपये का अर्थदंड । धारा 323 भादवि में 01 वर्ष का साधारण कारावास ।अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।एसपी गाजीपुर डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित मुकदमों में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसका उद्देश्य संगीन अपराधों में लिप्त अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। इस अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस लगातार बेहतर परिणाम दे रही है।पुलिस अधीक्षक ने मॉनिटरिंग सेल, विवेचक, कोर्ट पैरोकार और अभियोजन अधिकारी की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों में गाजीपुर पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।