ग़ाज़ीपुर

हाय रे! ग़रीबी,शव लाने के भी पैसे नहीं, परिजनों ने लगाया ग्रामीणों से गुहार

दुल्लहपुर (गाजीपुर), 0 4 जून 2026 – दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव में उस समय मातम पसर गया जब हैदराबाद से आई एक फोन कॉल ने 16 साल के पंकज चौहान की मौत की खबर दी। घर की माली हालत सुधारने के लिए परदेस कमाने गया पंकज अब ताबूत में लौटेगा, लेकिन तंगहाली के चलते परिवार शव को गांव तक लाने में भी असमर्थ है।पृथ्वीपुर निवासी स्वर्गीय श्रीनाथ चौहान के पुत्र पंकज की उम्र महज 16 साल थी। पिता का करीब दो साल पहले निधन हो चुका है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पंकज कुछ दिन पहले ही रोजगार की तलाश में हैदराबाद गया था। 22 मई को उसने सिकंदराबाद के कुतुर स्थित माहेश्वरी प्लास्टिक फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम शुरू किया था।बताया जा रहा है कि बुधवार को पंकज अपने साथी रोशन के साथ बाइक संख्या TG07AD5039 से फैक्ट्री से कमरे की ओर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो संख्या TG07A6996 ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि पंकज और रोशन की मौके पर ही मौत हो गई। बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दोनों युवक उछलकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। मृतक रोशन बिहार के बक्सर जिले का निवासी बताया जा रहा है।हादसे की सूचना पंकज के साथ काम करने गए डीहा निवासी वरुण चौहान ने बुधवार रात करीब 10 बजे परिजनों को दी। खबर सुनते ही मां बेसुध हो गईं। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।पंकज के परिवार में मां, बड़ा भाई अंगद चौहान और बहन प्रियंका चौहान हैं। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी बड़े भाई अंगद के कंधों पर है, जो मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अभी तक भाई-बहन में किसी की शादी नहीं हुई है। घर की मदद के लिए ही पंकज कम उम्र में कमाने निकला था।शव लाने के लिए नहीं है पैसे:परिवार शव को गांव लाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन आर्थिक तंगी उनके सामने बड़ी बाधा बनी हुई है। मां अंतिम बार बेटे का चेहरा देखने के लिए तड़प रही है। परिजन बेसब्री से शव का इंतजार कर रहे हैं। गांव के लोगों ने जिला प्रशासन एवं समाजसेवियों से पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने की मांग की है, ताकि मृतक का शव गांव लाकर उसका अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक कराया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन तत्काल मदद करे जिससे गरीब परिवार पर पड़े इस दुख के पहाड़ में कुछ कमी आ सके।