आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया संबंधी शिकायत तथ्यों की जांच में निराधार पाई गई

गाजीपुर 14 जून, 2026 : विकासखंड सैदपुर के ग्राम पंचायत ईशोपुउर में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविन्द्र जायसवाल के समक्ष आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया से संबंधित एक शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायतकर्ता श्रीमती अनुराधा पत्नी श्री राजकुमार द्वारा आरोप लगाया गया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर उन्होंने आवेदन किया था, वहां चयन प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है तथा उनका चयन किया जाना चाहिए था। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों एवं मेरिट सूची का तत्काल परीक्षण कराया गया। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा बाल विकास परियोजना सैदपुर के अलायचक एवं जगदीशपुर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवेदन किया गया था। अलायचक केंद्र पर शिकायतकर्ता श्रीमती अनुराधा का मेरिट के आधार पर वरीयता क्रम में चतुर्थ स्थान था। उक्त केंद्र पर प्रथम वरीयता प्राप्त अभ्यर्थी के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में प्राप्त अंकों का प्रतिशत शिकायतकर्ता से अधिक था। साथ ही संबंधित शीर्ष वरीयता प्राप्त अभ्यर्थियों एवं शिकायतकर्ता द्वारा बीपीएल श्रेणी में आवेदन किया गया था, अतः चयन निर्धारित मेरिट के आधार पर किया गया। इसी प्रकार जगदीशपुर केंद्र पर शिकायतकर्ता का मेरिट क्रम में द्वितीय स्थान पाया गया, जबकि प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थी के हाईस्कूल एवं स्नातक स्तर के अंकों का प्रतिशत शिकायतकर्ता की तुलना में अधिक था। इस केंद्र पर भी दोनों अभ्यर्थियों द्वारा बीपीएल श्रेणी में आवेदन किया गया था तथा चयन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मेरिट के अनुरूप किया गया। अभिलेखीय परीक्षण एवं तात्कालिक जांच से स्पष्ट हुआ कि भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शासनादेशों के अनुरूप संपन्न की गई है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों एवं अभिलेखों से पुष्ट नहीं हुए तथा प्रथम दृष्टया शिकायत पूर्णतः निराधार पाई गई। किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाती है। तथ्यों के विपरीत एवं भ्रामक आरोपों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अथवा प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने के प्रयास उचित नहीं हैं।








