ग़ाज़ीपुर

डाक्टर राजेश कुमार सिंह का आजमगढ़ तबादला, शुभेच्छुओं ने दी विदाई

गाजीपुर, 09 जून 2026 – गाजीपुर के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार सिंह का आजमगढ़ स्थानांतरण जिले के लिए एक भावुक क्षण बन गया। प्रशासनिक दायित्वों के चलते तबादले भले होते रहें, लेकिन कुछ व्यक्तित्व अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और सेवा भाव से लोगों के दिलों में स्थायी जगह बना लेते हैं। डॉ. सिंह उन्हीं में से एक हैं।सहज,सरल और मिलनसार व्यक्तित्व:डॉ. साहब हमेशा सहज, सरल और मिलनसार रहे। जरूरतमंदों के लिए वे हर वक्त उपलब्ध रहे। उन्होंने साबित किया कि चिकित्सा विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य केवल रोग का उपचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की रक्षा भी है। अनेक मौकों पर उन्होंने गरीब और असहाय लोगों की निस्वार्थ मदद कर इस आदर्श को चरितार्थ किया।कर्मनिषठा से मिला सम्मान:भले ही हर व्यक्ति की कार्यशैली से सभी सहमत न हों, क्योंकि सभी को संतुष्ट कर पाना स्वयं ईश्वर के लिए भी संभव नहीं। फिर भी किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके सेवा भाव, कर्मनिष्ठा और समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से होता है। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल में इसी कसौटी पर खरे उतरकर लोगों का विश्वास जीता। गाजीपुर को खलेगी कमी:उनका गाजीपुर से जाना निश्चित रूप से एक कमी है। लेकिन यह विश्वास भी है कि वे आजमगढ़ में भी अपनी सेवाओं, सरलता और मानवीय दृष्टिकोण से लोगों का दिल जीतेंगे। जिले के प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दुआओं से बनती है सच्ची पहचान:सच ही कहा गया है कि सच्ची पहचान पद से नहीं, बल्कि उन लोगों की दुआओं से बनती है जिनके जीवन को आपने स्पर्श किया हो। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने गाजीपुर में सेवा के जरिए सैकड़ों लोगों की दुआएं कमाई हैं।प्रकृति और ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, ऊर्जा, सफलता और निरंतर जनसेवा की प्रेरणा मिलती रहे। नई जिम्मेदारी के लिए डॉ. राजेश कुमार सिंह जी को हार्दिक शुभकामनाए।