स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डा० लोहिया के राजनीतिक दर्शन पर शोध प्रबंध प्रस्तुत

गाजीपुर, 07 जून 2026 – स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में शनिवार को अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सेमिनार हाल में आयोजित इस संगोष्ठी में राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी ध्रुवराज यादव ने “भारतीय राजनीति में डॉ० राम मनोहर लोहिया का विचार एवं उनके योगदान का एक अध्ययन” विषय पर अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत किया। लोहिया के राजनीतिक दर्शन पर प्रकाश: शोध प्रस्तुत करते हुए ध्रुवराज यादव ने कहा कि डॉ० राम मनोहर लोहिया भारतीय राजनीति के महान समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के अग्रदूत थे। उनका राजनीतिक दर्शन समाजवाद, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, विकेंद्रीकरण तथा समानता पर आधारित था। उन्होंने भारतीय समाज की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए समाधान प्रस्तुत किए। सप्त क्रांति और चौखम्भा राज्य की अवधारणा: ध्रुवराज ने बताया कि लोहिया का “सप्त क्रांति” सिद्धांत स्त्री-पुरुष असमानता, जाति व्यवस्था, रंगभेद, विदेशी प्रभुत्व, आर्थिक शोषण, निजी जीवन में अन्याय और युद्ध व हथियारों की राजनीति के विरुद्ध था। उनकी “चौखम्भा राज्य” की अवधारणा ग्राम, जिला, प्रांत और केंद्र पर आधारित थी। पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण और महिलाओं को राजनीति, शिक्षा व रोजगार में समान अधिकार देने के उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। गैर-कांग्रेसवाद की रखी नींव: शोध में बताया गया कि डॉ० लोहिया ने “गैर-कांग्रेसवाद” का सिद्धांत दिया। उनका मानना था कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी है। उनके इस विचार ने भारतीय राजनीति में गठबंधन राजनीति की नींव रखी। 1967 के चुनावों में कई राज्यों में गैर-कांग्रेसी सरकारों के गठन में उनके विचारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संतोषजनक जबाब पर मिली संस्तुति: प्रस्तुतीकरण के बाद शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्यों और प्राध्यापकों ने शोध पर कई सवाल पूछे। शोधार्थी ध्रुवराज यादव ने सभी प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए। इसके बाद समिति और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। ये रहे मौजूद: संगोष्ठी में प्राचार्य प्रो० राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो० जी० सिंह, शोध निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो० सुनील कुमार, डॉ० आलोक रंजन श्रीवास्तव, डॉ० आनंद कुमार सिंह, प्रो० अरूण कुमार यादव, डॉ० राम दुलारे, डॉ० रविशेखर सिंह समेत कई प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो० सुनील कुमार ने आभार व्यक्त किया। संचालन प्रो० जी० सिंह ने किया।








